लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज 5 नवंबर को 28 नवचयनित वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम दोपहर 4 बजे मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित होगा। इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से इन 28 वैज्ञानिक अधिकारियों का चयन किया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में फॉरेंसिक विज्ञान की क्षमता बढ़ाना और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाकर न्याय व्यवस्था को मजबूत करना है।
फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं का नेटवर्क हो रहा मजबूत
प्रदेश में फॉरेंसिक सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। वर्तमान में 12 जनपदों में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं क्रियाशील हैं, जबकि छह अन्य प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य जारी है। इसके अलावा लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की गई है। इससे फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षण और विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सात प्रयोगशालाओं में DNA अनुभाग चालू
प्रदेश की सात विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में DNA अनुभाग क्रियाशील हैं। इससे वैज्ञानिक साक्ष्यों के विश्लेषण और आपराधिक मामलों की जांच में मदद मिलेगी।
सभी प्रयोगशालाओं में ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0 का संचालन
प्रदेश की सभी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में ई-प्रॉसिक्यूशन 2.0 का संचालन किया जा रहा है। तकनीक के इस्तेमाल से जांच और अभियोजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। 28 वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिलने से प्रदेश की फॉरेंसिक सेवाओं को अतिरिक्त विशेषज्ञता मिलेगी। सरकार इसे वैज्ञानिक जांच व्यवस्था और न्याय प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है।