चंडीगढ़ - पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक 'इंसाफ रैली' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों की आपूर्ति के पीछे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट का रास्ता इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि यदि वह वास्तव में पंजाब को नशामुक्त बनाना चाहती है, तो मुंद्रा पोर्ट की गंभीरता से जांच क्यों नहीं कराई जाती? उन्होंने इस बंदरगाह का संबंध उद्योगपति गौतम अडानी से जोड़ते हुए सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए।
पंजाब में नशे की समस्या पर केंद्र सरकार को घेरा
इंसाफ रैली में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। इसकी वजह से युवाओं और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति को रोकने के लिए केंद्र सरकार जिस तरह की कार्रवाई करनी चाहिए, वह नहीं कर रही है।
खरगे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और नशीले पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है। ऐसे में पंजाब में नशे के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
मुंद्रा पोर्ट को लेकर खरगे ने उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस बंदरगाह के रास्ते नशीले पदार्थ पंजाब तक पहुंच रहे हैं। खरगे ने कहा कि यदि केंद्र सरकार पंजाब को नशे की समस्या से मुक्त करने को लेकर गंभीर है, तो उसे मुंद्रा पोर्ट की जांच करानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर इसे बंद करने का कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने मुंद्रा पोर्ट का संबंध उद्योगपति गौतम अडानी से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। खरगे ने सवाल उठाया कि जब पंजाब में नशे की वजह से लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो इस कथित आपूर्ति मार्ग पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? हालांकि, मुंद्रा पोर्ट के रास्ते पंजाब में नशीले पदार्थ पहुंचने के संबंध में खरगे की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
नशे के कारण बर्बाद हो रहे परिवारों का मुद्दा उठाया
खरगे ने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और परिवारों को भी प्रभावित कर रही है। नशीले पदार्थों की लत के कारण युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा है और कई परिवार गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस समस्या पर गंभीरता दिखाने और नशे की तस्करी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि पंजाब के लोगों को नशे के कारोबार से राहत दिलाने के लिए जिम्मेदार लोगों और कथित तस्करी के रास्तों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ सकती है राजनीतिक तकरार
खरगे के इस बयान के बाद पंजाब में नशे का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, मुंद्रा पोर्ट और अडानी समूह का उल्लेख किए जाने से यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और संवेदनशील हो गया है।
कुल मिलाकर, इंसाफ रैली के मंच से मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने मुंद्रा पोर्ट की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। अब इस मामले में केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।