गोरखपुर - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित भाजपा की पदयात्रा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता पर तंज कसते हुए उन्हें ऐसा रॉकेट बताया, जिसका बारूद अब खत्म हो चुका है। वहीं, अखिलेश यादव के बदला लेने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में बदला नहीं, बल्कि जनता बदलाव करती है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने का भी आरोप लगाया।
लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा में शामिल हुए सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में भाजपा की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का यह पहला गोरखपुर दौरा है। लोकतंत्र को मजबूत करने और अराजकता के खिलाफ जनजागरण की शुरुआत के लिए उन्होंने बाबा गोरक्षनाथ की पावन धरती को चुना है। मुख्यमंत्री ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से भी जोड़ा।
राहुल गांधी की लॉन्चिंग पर योगी ने कसा तंज
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को अलग-अलग पदों पर बैठाकर कई बार राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश की। वर्ष 2004 में सांसद, 2007 में पार्टी महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। इसके बावजूद उनकी राजनीतिक स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया।
योगी ने दीपावली के रॉकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ रॉकेट में आग लगाने के बाद वे आसमान में जाने के बजाय वहीं धुआं छोड़कर बुझ जाते हैं। राहुल गांधी की स्थिति भी ऐसी ही हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा जैसे अभियानों के बावजूद कांग्रेस की राजनीतिक चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए अभी भी युवा नेता हैं।
अखिलेश यादव के बदला लेने वाले बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अगली पीढ़ी द्वारा हर लाठी और जख्म का बदला लेने की बात कही थी। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के बबुआ को कोई समझाए कि लोकतंत्र में बदला लेने की नहीं, बल्कि जनता के माध्यम से बदलाव लाने की व्यवस्था होती है।
उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार से सत्ता परिवर्तन करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 255 सीटें जीतकर विपक्षी दलों की राजनीतिक ताकत को पीछे छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि सत्ता में कौन रहेगा, इसका फैसला केवल जनता करती है।
SIR और घुसपैठियों के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 1952, 1962 और 2003 सहित कई बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण हो चुका है। पहले कांग्रेस भी इस प्रक्रिया का समर्थन करती थी, लेकिन अब निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची की जांच किए जाने पर विपक्ष विरोध कर रहा है।
योगी ने सवाल उठाया कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ-साथ मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची से हटाने पर कांग्रेस को परेशानी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि किसी विदेशी नागरिक का मतदाता सूची में नाम शामिल होना भारत के गरीब, दलित और वंचित नागरिकों के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मतदाता सूची को दुरुस्त करना जरूरी है।
चुनावी हार के लिए ईवीएम और आयोग को जिम्मेदार बताने का आरोप
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति की तुलना बार-बार परीक्षा में असफल होने वाले विद्यार्थी से की। उन्होंने कहा कि असफल छात्र कभी प्रश्नपत्र, कभी कॉपी और कभी पेन की स्याही को अपनी हार का कारण बताता है। इसी तरह विपक्ष चुनाव जीतने पर अपनी उपलब्धि का दावा करता है, लेकिन हार मिलने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने लगता है।
उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का आंकड़ा रखते हुए कहा कि पार्टी को 2014 में 44, 2019 में 52 और 2024 के लोकसभा चुनाव में 99 सीटें मिलीं। तीन चुनावों में कांग्रेस की कुल सीटें 195 रहीं, जबकि भाजपा ने अकेले 2024 में 240 सीटें हासिल कीं। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनावी परिणामों का भी उल्लेख किया।
आपातकाल और 1984 की हिंसा का भी उठाया मुद्दा
सीएम योगी ने कांग्रेस पर लोकतंत्र को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या कांग्रेस आपातकाल के दौरान प्रताड़ित हुए लोगों और जान गंवाने वालों के परिवारों से माफी मांगेगी? इसके साथ ही उन्होंने 1984 की सिख विरोधी हिंसा का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता का सवाल उठाया।
2017 से पहले यूपी में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती सपा सरकारों पर भी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले समाजवादी पार्टी की चार सरकारों के दौरान प्रदेश में 1,500 से अधिक दंगे हुए थे। त्योहारों के आसपास कर्फ्यू लगना आम बात थी और महिलाओं, बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुशासन की स्थिति में सुधार हुआ है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। नया भारत अराजकता और अस्थिरता को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने भाजपा की पदयात्रा को केवल राजनीतिक आयोजन न बताते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला जनजागरण अभियान बताया।