मुंबई - भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर चयनकर्ताओं को एक अहम सलाह दी है। महज 15 साल की उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में पहचान बनाने वाले वैभव को लेकर सचिन का मानना है कि उन्हें अभी जल्दबाजी में बड़ी जिम्मेदारियां नहीं सौंपनी चाहिए।
खासतौर पर दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को उन्होंने समय से पहले उठाया गया कदम बताया है। सचिन के इस बयान के बाद एक बार फिर युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदारी सौंपने के सही समय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
वैभव की उपकप्तानी पर सचिन ने क्या कहा?
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर आयोजित सवाल-जवाब सत्र में हिस्सा लिया था। इस दौरान उनसे पूछा गया कि इतनी कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को वह किस नजरिए से देखते हैं।
इस सवाल के जवाब में सचिन ने कहा कि उनके हिसाब से वैभव को इतनी जल्दी उपकप्तानी की जिम्मेदारी देना सही नहीं था। उन्हें अभी लाल गेंद से ज्यादा से ज्यादा मुकाबले खेलने का अवसर मिलना चाहिए। सचिन का मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए जल्दबाजी करने के बजाय उसे अनुभव हासिल करने का पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने एक-एक कदम आगे बढ़ने की सलाह दी।
दलीप ट्रॉफी में मिली थी अहम जिम्मेदारी
दरअसल, दलीप ट्रॉफी 2026 में वैभव सूर्यवंशी को ईस्ट जोन की टीम में उपकप्तान बनाया गया था। टीम की कमान विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के हाथों में थी। महज 15 साल के खिलाड़ी को अनुभवी क्रिकेटरों के बीच यह जिम्मेदारी मिलने पर उस समय भी काफी चर्चा हुई थी।
ईस्ट जोन की चयन समिति से जुड़े प्रवंजन मलिक ने उस फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। चयनकर्ताओं का उद्देश्य युवा खिलाड़ी को जिम्मेदारी देकर उसके अंदर नेतृत्व क्षमता विकसित करना था। हालांकि, सचिन तेंदुलकर की राय इससे अलग है। वह चाहते हैं कि वैभव पहले रेड बॉल क्रिकेट में अपनी पकड़ मजबूत करें।
टी20 क्रिकेट में पहले ही दिखा चुके हैं दम
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। आईपीएल में उनके आक्रामक अंदाज ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें भारतीय सीनियर टी20 टीम में भी जगह मिली। न्यूजीलैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम का हिस्सा बनना उनके करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही है।
हालांकि, सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद रेड बॉल क्रिकेट में उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है। सचिन की सलाह भी इसी ओर इशारा करती है कि युवा बल्लेबाज को अलग-अलग प्रारूपों में अनुभव हासिल करने का अवसर मिलना चाहिए।
इमर्जिंग एशिया कप में इंडिया-ए की ओर से खेलेंगे वैभव
अब वैभव सूर्यवंशी के सामने एक और बड़ा मौका है। वह 19 से 29 नवंबर 2026 तक कतर के दोहा में आयोजित होने वाले एसीसी राइजिंग स्टार्स एशिया कप में इंडिया-ए टीम का हिस्सा होंगे। इस टीम की कप्तानी तिलक वर्मा को सौंपी गई है, जबकि युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी टीम में शामिल हैं।
इस टूर्नामेंट में वैभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर के उभरते खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सचिन की सलाह से फिर शुरू हुई चर्चा
सचिन तेंदुलकर की सलाह का मुख्य संदेश यही है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उनके विकास की प्रक्रिया का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। वैभव अभी महज 15 साल के हैं और उनके सामने क्रिकेट में लंबा करियर बनाने का अवसर है।
ऐसे में उन्हें लगातार मैच खेलने, तकनीक सुधारने और अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को साबित करने का समय मिलना चाहिए। अब देखना दिलचस्प होगा कि वैभव आने वाले टूर्नामेंट में कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या वह अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर दिग्गजों को प्रभावित कर पाते हैं। फिलहाल सचिन की सलाह ने उनके भविष्य और भारतीय क्रिकेट में उनकी भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।