कोलकाता डेस्क: आंध्र प्रदेश में चक्रवात ‘मुरासु’ ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है, जहां 15 जिलों में हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है।
ओंगोल के पास तट से टकराया चक्रवात
भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के नजदीक पहुंचा। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। तूफान के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई।
15 जिलों में फसलों को भारी नुकसान
प्रारंभिक सरकारी आकलन के मुताबिक, चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के 15 जिलों में 30,661 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। कृष्णा, बापटला और नांदयाल जिलों में नुकसान सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। धान, कपास और मक्का की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। इसके अलावा, समुद्र में मछली पकड़ने वाली कुछ नावें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं और नमक उत्पादन से जुड़े क्षेत्रों में भी नुकसान की खबरें हैं।
हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
चक्रवात के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की थी। 10,805 लोगों को 171 राहत शिविरों में शरण दी गई है। प्रभावित इलाकों में 11 NDRF और 13 SDRF टीमों को तैनात किया गया है। राहत कार्यों के लिए 613 जनरेटर की व्यवस्था की गई है, जबकि पेड़ हटाने और जलभराव से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग की 185 टीमें काम कर रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं भी अलर्ट पर
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 3,066 गर्भवती महिलाओं और 1,008 स्तनपान कराने वाली माताओं को सुरक्षित अस्पतालों में पहुंचाया। 13 जिलों में 725 मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है और 362 एंबुलेंस को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। राज्य सरकार की ओर से 1.48 लाख से अधिक नहीं, बल्कि 14,810 भोजन पैकेट प्रभावित लोगों के बीच वितरित किए गए हैं।
केंद्र ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
चक्रवात से हुए नुकसान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री नायडू ने भी केंद्र के सहयोग के लिए आभार जताया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव तथा पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की बात कही।
मौसम विभाग की चेतावनी, सतर्क रहने की अपील
चक्रवात के तट पार करने के बावजूद आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, घरों में सुरक्षित रहने और समुद्र में न जाने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि तूफान कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण अभी भी खतरा बना हुआ है।