भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। 3 नवंबर को हुई संवीक्षा में दो प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए, जबकि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नामांकन आपत्तियों को खारिज करते हुए स्वीकार कर लिया गया है। अब 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद हरदीप पुरी के निर्विरोध निर्वाचित होने का रास्ता साफ हो सकता है।
हरदीप पुरी का नामांकन स्वीकार
राज्यसभा उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नामांकन पत्र पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। रिटर्निंग ऑफिसर ने इन आपत्तियों को खारिज करते हुए उनका नामांकन स्वीकार कर लिया है। इससे उनके निर्विरोध निर्वाचन की संभावना मजबूत हो गई है।
कांते सयन्ना का नामांकन निरस्त
रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा ने 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान प्रत्याशी कांते सयन्ना का नामांकन निरस्त कर दिया। आदेश के मुताबिक, कांते सयन्ना ने 31 अक्टूबर को नामांकन पत्र क्रमांक 04 दाखिल किया था। जांच में पाया गया कि उनके नामांकन पत्र में प्रस्तावकों के आवश्यक नाम, विवरण और हस्ताक्षर संबंधी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं किया गया था। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र पर विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों के 10 प्रतिशत या 10 सदस्यों, जो भी संख्या कम हो, के हस्ताक्षर प्रस्तावक के रूप में होना जरूरी है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई
रिटर्निंग ऑफिसर ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 33(1), धारा 36(2)(b) और धारा 39(2) के प्रावधानों के तहत कांते सयन्ना का नामांकन खारिज किया। आदेश में कहा गया कि प्रस्तावकों की निर्धारित संख्या संबंधी अनिवार्य वैधानिक शर्त पूरी नहीं की गई। यह त्रुटि महत्वपूर्ण और सारभूत प्रकृति की है।
5 नवंबर को नाम वापसी की आखिरी तारीख
राज्यसभा उपचुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद यदि हरदीप सिंह पुरी के अलावा कोई अन्य वैध प्रत्याशी मैदान में नहीं रहता है, तो उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकता है।