पटना - केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों का मकसद देश में ऐसा माहौल तैयार करना था, जिससे हिंसा भड़के, पुलिस को गोली चलानी पड़े और अंततः केंद्र सरकार गिर जाए।
गिरिराज सिंह ने इस कथित साजिश के पीछे बाहरी ताकतों, कट्टरपंथी तत्वों और कुछ संगठनों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की गई, लेकिन अब संबंधित लोगों का चेहरा सामने आ रहा है।
राहुल गांधी को लेकर गिरिराज सिंह का बड़ा बयान
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि कुछ लोग देश में अस्थिरता का माहौल पैदा करना चाहते थे। उनका आरोप है कि इसके पीछे ऐसी सोच काम कर रही थी, जिसके तहत बड़े स्तर पर आंदोलन खड़ा करके हिंसक परिस्थितियां पैदा की जा सकती थीं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी गतिविधि में कुछ बाहरी ताकतों के साथ कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोग भी शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री ने शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े लोगों और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ मुस्लिम छात्र संगठनों का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि इन तत्वों की मदद से देश में वैसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी, जैसा कुछ दूसरे देशों में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता के दौरान देखने को मिला।
फ्रांस, श्रीलंका और बांग्लादेश का किया जिक्र
गिरिराज सिंह ने अपनी बात रखते हुए फ्रांस, श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भारत में भी इसी तरह की परिस्थितियां पैदा करना चाहते थे। उन्होंने मुंबई से सामने आए एक मामले का उल्लेख करते हुए दावा किया कि गैर-मुस्लिमों की दुकानों को लूटने और आग लगाने जैसी बातें भी सामने आई थीं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं और कथित गतिविधियों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। गिरिराज सिंह ने यह भी दावा किया कि एक प्रतिष्ठित अमेरिकी समाचार संस्थान ने इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े पहलुओं का खुलासा किया था।
राहुल गांधी पर आंदोलन के जरिए सरकार गिराने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयानों का हवाला देते हुए कहा कि वह कई बार दावा कर चुके थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार कुछ ही महीनों में हट जाएगी। गिरिराज सिंह के मुताबिक, इन बयानों के पीछे बड़े आंदोलन और संभावित हिंसक परिस्थितियों के जरिए सरकार को अस्थिर करने की मंशा थी।
उन्होंने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर भी सवाल उठाए, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जेल भेजने की बात कही गई थी। इस दौरान उन्होंने गांधी परिवार से जुड़े कानूनी मामलों का जिक्र करते हुए भी विपक्ष पर निशाना साधा।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की नागरिकता पर उठाए सवाल
गिरिराज सिंह ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी ने भारत की नागरिकता लेने में कई साल लगाए और राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता से जुड़ा मामला भी सामने आया है। इन आरोपों के आधार पर उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की देशभक्ति पर सवाल उठाए। हालांकि, ये उनके राजनीतिक बयान और आरोप हैं, जिन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग को लेकर भी साधा निशाना
मतदाता सूची में नामों की जांच और कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी गिरिराज सिंह ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्तियों, लापता लोगों, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों और भारतीय नागरिकता नहीं रखने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाना जरूरी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल थे और विपक्षी दलों को इससे राजनीतिक फायदा मिलता था। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग श्रेणियों में करोड़ों नामों की जांच और कार्रवाई की बात कही गई है।
राष्ट्रपति को ज्ञापन और सबूतों पर भी उठाए सवाल
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की बात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि काफी समय बीतने के बावजूद विपक्ष की ओर से ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्था या प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए जाते हैं, तो उनके समर्थन में प्रमाण भी दिए जाने चाहिए।
अंत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत लोकतांत्रिक और अहिंसा की परंपरा वाला देश है। यह महात्मा गांधी, भगवान बुद्ध और बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों से प्रेरित राष्ट्र है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलेगा तथा हिंसा और अराजकता के लिए यहां कोई जगह नहीं होनी चाहिए। गिरिराज सिंह के इन बयानों के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।