स्पोर्ट्स डेस्क | ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के लिए अहम भूमिका निभाने वाले मैक्सवेल ने अपने 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे दिया है। हालांकि, वह घरेलू क्रिकेट में बिग बैश लीग (BBL) खेलना जारी रखेंगे। मैक्सवेल ने अपने संन्यास की घोषणा ‘फाइनल वर्ड’ पॉडकास्ट के जरिए की। उन्होंने साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। हालिया टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने अपने भविष्य को लेकर काफी विचार-विमर्श किया। मैक्सवेल के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट की ओर से उन पर संन्यास लेने का कोई दबाव नहीं था, लेकिन चयनकर्ता भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते थे।
MCG में फेयरवेल मैच नहीं मिलने का रहेगा अफसोस
ग्लेन मैक्सवेल ने बताया कि उनकी इच्छा मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की थी। उन्हें उम्मीद थी कि घरेलू मैदान पर दर्शकों के सामने विदाई लेने का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मैक्सवेल ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई टीम की भविष्य की योजनाओं को समझते हैं। उनके मुताबिक, 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए टीम अगले 12 से 24 महीनों में युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ज्यादा मौके देना चाहती है, ताकि वे बड़े मुकाबलों के लिए तैयार हो सकें।
ऐसा रहा ग्लेन मैक्सवेल का अंतरराष्ट्रीय करियर
ग्लेन मैक्सवेल ने अगस्त 2012 में शारजाह में अफगानिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 130 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले, जिसमें 2,897 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 5 शतक और 12 अर्धशतक निकले। गेंदबाजी में भी उन्होंने 51 विकेट हासिल किए। वनडे क्रिकेट में मैक्सवेल ने 149 मैचों में 3,990 रन बनाए। उनका औसत 33.81 रहा। उन्होंने वनडे में 4 शतक और 23 अर्धशतक लगाए।
2023 वर्ल्ड कप का दोहरा शतक हमेशा रहेगा याद
मैक्सवेल की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ लगाया गया दोहरा शतक शामिल है। मुश्किल परिस्थिति में खेली गई उनकी इस पारी ने ऑस्ट्रेलिया को शानदार जीत दिलाई थी। मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के साथ दो वनडे वर्ल्ड कप और एक टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी, उपयोगी गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के दम पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में खास पहचान बनाई।