कांगपोकपी | मणिपुर में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में छिटपुट हिंसक घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कांगपोकपी जिले में दो कुकी युवकों की हत्या के बाद एक बार फिर तनाव फैल गया है। घटना के विरोध में कुकी संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने जिले में घोषित बंद को 48 घंटे और बढ़ाने का फैसला किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि दो कुकी युवकों की हत्या के मामले में राज्यपाल की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। दोनों युवक पिछले सप्ताह ताफोऊ कुकी गांव से लापता हो गए थे। रविवार सुबह उनके क्षत-विक्षत शव पड़ोसी सेनापति जिले के एक पहाड़ी इलाके में मिले। शव मिलने के बाद COTU ने रविवार से 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प
युवकों के शव मिलने के बाद रविवार रात से कांगपोकपी जिले के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और लकड़ियों तथा बड़े पत्थरों से रास्ते बंद कर दिए। पुलिस ने कुछ रास्तों को खुलवाया। सोमवार को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प भी हुई। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इस दौरान आंसू गैस का गोला लगने से एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोट आई। अधिकारियों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है।
केले के बागान में बोरियों में मिले शव
अधिकारियों के अनुसार, 29 अक्टूबर को ताफोऊ कुकी गांव से लापता हुए टी. चोंगलोई (21) और पाओगिनलाल हैंगशिंग (20) की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सेनापति जिले में केले के एक बागान में बोरियों के अंदर उनके शव मिले। घटना के बाद जिले में तनाव बना हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। युवकों की हत्या के बाद इलाके में विरोध और बंद के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।