मुंबई - फिल्म निर्माता और अभिनेता अनुराग कश्यप एक बार फिर कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गुजरात के सूरत की अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। बताया जा रहा है कि अदालत की ओर से समन भेजे जाने के बावजूद अनुराग कश्यप सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुए थे। इसी के बाद अदालत ने उनके खिलाफ यह कदम उठाया। मामले की अगली सुनवाई अब 24 दिसंबर को निर्धारित की गई है।
अदालत में पेश नहीं होने पर जारी हुआ वारंट
सूरत की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जे.वी. चौहान की अदालत ने सोमवार को अनुराग कश्यप के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। यह कार्रवाई पिछले साल सोशल मीडिया पर की गई उनकी कथित टिप्पणियों से जुड़े मामले में हुई है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि अनुराग कश्यप की टिप्पणी से ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं आहत हुईं और समाज में आपसी वैमनस्य फैलने की आशंका पैदा हुई।
अदालत ने इससे पहले इस मामले में अनुराग कश्यप को समन जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुए। सोमवार को भी उनकी अनुपस्थिति के बाद अदालत ने जमानती वारंट जारी कर दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।
वकील कमलेश रावल की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की शुरुआत वकील कमलेश रावल की ओर से दायर की गई शिकायत और कानूनी अर्जी के बाद हुई थी। रावल बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे हिंदुत्व संगठनों के कानूनी सलाहकार के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने अनुराग कश्यप की कथित सोशल मीडिया टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणी करना किसी विशेष समुदाय के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा दे सकता है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
मई में अदालत ने दिया था मामला दर्ज करने का निर्देश
मामले में मई महीने में अदालत ने शिकायतकर्ता की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनुराग कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसमें धारा 192 का उल्लेख किया गया है, जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से संबंधित है। इसके अलावा धारा 352 के तहत जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से किए गए कृत्य का मुद्दा भी शामिल है। शिकायत में झूठी अफवाहों से संबंधित प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है।
अदालत की ओर से इस मामले में समन जारी किए जाने के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन अनुराग कश्यप की अनुपस्थिति के कारण अब उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने की स्थिति बनी।
कौन हैं अनुराग कश्यप?
अनुराग कश्यप हिंदी सिनेमा के चर्चित फिल्म निर्माता, निर्देशक, लेखक और अभिनेता हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई है। 'ब्लैक फ्राइडे', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' और 'देव डी' जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए उन्हें विशेष रूप से जाना जाता है। उनकी फिल्मों में अक्सर सामाजिक परिस्थितियों, राजनीति, अपराध और आम लोगों के जीवन से जुड़े विषय देखने को मिलते हैं।
24 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल इस मामले में अदालत की कार्रवाई जारी है। सोमवार को जारी जमानती वारंट के बाद अब सबकी नजरें 24 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। इस दौरान अनुराग कश्यप की अदालत में पेशी और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि जमानती वारंट जारी होना किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है। मामले में लगाए गए आरोपों की न्यायिक जांच और सुनवाई के बाद ही अदालत किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी।