नई दिल्ली | अरब सागर में समुद्री लुटेरों के कब्जे से मछली पकड़ने वाले जहाज 'अजिनी' के 20 ईरानी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचाने के लिए ईरान ने भारत सरकार, भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना का आभार जताया है। ईरान के नई दिल्ली स्थित दूतावास ने मंगलवार को भारतीय सशस्त्र बलों के संयुक्त अभियान की सराहना की। दूतावास ने इसे मानवीय सहायता और सीमाओं से परे लोगों की जान बचाने की भारत की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने अभियान के दौरान पेशेवर क्षमता, साहस और बेहतर समन्वय का प्रदर्शन किया। दूतावास के मुताबिक, यह कार्रवाई मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ईरान ने भारत-ईरान दोस्ती का बताया उदाहरण
ईरानी दूतावास ने अभियान को भारत और ईरान के बीच मित्रता, एकजुटता और सहयोग की भावना का प्रमाण बताया। साथ ही, चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बचाने में शामिल भारतीय अधिकारियों और जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
48 घंटे चला भारतीय नौसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार, भारतीय नौसेना ने मुंबई से 3,000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में करीब 48 घंटे तक सुनियोजित अभियान चलाया। इस दौरान समुद्री लुटेरों के कब्जे वाले जहाज 'अजिनी' का पता लगाकर उसे रोका गया और चालक दल के सभी 20 सदस्यों को सुरक्षित मुक्त कराया गया। यह अभियान 2 नवंबर को सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अभियान में भारतीय वायुसेना ने भी समय पर सहयोग दिया। भारी हथियारों से लैस समुद्री लुटेरों के कब्जे से सभी सदस्यों को सुरक्षित निकालना इस ऑपरेशन की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
राजनाथ सिंह ने नौसेना की तत्परता की सराहना की
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभियान की सफलता के लिए भारतीय नौसेना को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जहाज का तेजी से पता लगाना, उसे रोकना और चालक दल को सुरक्षित मुक्त कराना नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और समुद्री खतरों से निर्णायक ढंग से निपटने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने अभियान में शामिल जवानों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने एक बार फिर लोगों की जान बचाने, समुद्री सुरक्षा बनाए रखने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के भारत के संकल्प को प्रदर्शित किया है।
सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने पर भारत का जोर
राजनाथ सिंह ने दोहराया कि भारत सुरक्षित समुद्री मार्गों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र को सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम करता रहेगा। इस अभियान के बाद ईरान की ओर से भारत की सराहना को दोनों देशों के बीच सहयोग और मानवीय संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।