संभल - उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक गांव में गटर की खुदाई के दौरान मिट्टी के कलश में चांदी के पुराने सिक्के मिलने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि ये सिक्के करीब 150 साल पुराने हैं और इनका संबंध ब्रिटिश शासनकाल से है। पुलिस अब तक लगभग 70 चांदी के सिक्के बरामद कर चुकी है। मामले की गंभीरता और सिक्कों के संभावित ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए अब जांच की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग को सौंपने की तैयारी की गई है। इसके लिए पुलिस की ओर से संबंधित विभाग को पत्र भी भेजा जा चुका है।
गटर की खुदाई के दौरान मिला मिट्टी का कलश
यह पूरा मामला संभल के गांव जगन्नाथपुर का है। जानकारी के मुताबिक, गांव के रहने वाले रोहन के घर पर गटर निर्माण के लिए खुदाई का काम चल रहा था। इस काम के लिए दो मजदूरों को लगाया गया था। खुदाई के दौरान जमीन के अंदर दबा हुआ मिट्टी का एक कलश दिखाई दिया। कलश मिलने के बाद मजदूरों के बीच उसे लेकर विवाद की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि दोनों मजदूरों में से एक कलश को कट्टे में भरकर अपने साथ ले गया, जबकि दूसरे मजदूर को उसमें से कुछ सिक्के दिए गए। बाद में सिक्कों के बंटवारे और कलश को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इस घटना की जानकारी धीरे-धीरे पूरे गांव में फैल गई और पुराने खजाने की चर्चा होने लगी।
मकान मालिक की शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की जानकारी मिलने के बाद मकान मालिक रोहन ने पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मजदूरों से पूछताछ की और सिक्कों के बारे में जानकारी जुटाई। कार्रवाई के दौरान अब तक करीब 70 चांदी के सिक्के बरामद किए जा चुके हैं।
सिक्कों की संख्या और उनके पुराने स्वरूप को देखते हुए पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि कलश में कुल कितने सिक्के मौजूद थे और उनमें से कितने सिक्के बरामद हो चुके हैं।
वर्ष 1875 के बताए जा रहे हैं चांदी के सिक्के
इस मामले में सबसे दिलचस्प बात सिक्कों की अनुमानित उम्र और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बरामद चांदी के सिक्के वर्ष 1875 के बताए जा रहे हैं। इनका संबंध ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया के शासनकाल से बताया जा रहा है।
यदि इन सिक्कों की उम्र और ऐतिहासिक पहचान की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह बरामदगी क्षेत्र के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने ला सकती है। हालांकि, फिलहाल इनकी वास्तविक प्रामाणिकता, निर्माण काल और ऐतिहासिक महत्व को लेकर अंतिम पुष्टि नहीं हुई है।
अब पुरातत्व विभाग करेगा सिक्कों की जांच
पुलिस ने मामले को आगे की विशेषज्ञ जांच के लिए पुरातत्व विभाग तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कोतवाली के एसएसआई संदीप मलिक के मुताबिक, विभाग को इस संबंध में सूचना दे दी गई है और पत्राचार भी किया गया है।
अब पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञ सिक्कों की बनावट, धातु, उन पर दर्ज निशानों और अन्य ऐतिहासिक विशेषताओं का परीक्षण करेंगे। इसी जांच के आधार पर यह पता लगाया जा सकेगा कि सिक्के वास्तव में किस काल के हैं और उनका ऐतिहासिक महत्व क्या है।
गांव में पुराने खजाने को लेकर चर्चा तेज
जगन्नाथपुर में जमीन के नीचे से मिले इन सिक्कों की खबर फैलने के बाद ग्रामीणों के बीच भी इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। करीब डेढ़ सदी पुराने बताए जा रहे इन सिक्कों की बरामदगी ने इलाके में इतिहास से जुड़ी चर्चाओं को बढ़ा दिया है।
फिलहाल सभी की नजर पुरातत्व विभाग की जांच पर टिकी है। विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मिट्टी के कलश में मिले ये सिक्के वास्तव मेंविक्टोरिया शासनकाल की ऐतिहासिक धरोहर हैं या नहीं।