रायपुर | केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए प्रदेशवासियों, खासकर आदिवासी समुदाय को बधाई दी। उन्होंने इस सफलता का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस को दिया। समारोह में अमित शाह ने नवा रायपुर को पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने की योजना भी बताई। उन्होंने कहा कि यहां 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे और इसे ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी को दिया राज्य गठन का श्रेय
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को धन्यवाद और श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दिया था। शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे संवारा जा रहा है।
‘छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन’
गृह मंत्री ने राज्योत्सव के अवसर को गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन बताया। उन्होंने कहा कि गौरव अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत का है, सिद्धि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सलमुक्त भारत के संकल्प की है, जबकि संकल्प विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।
लोक संस्कृति और आदिवासी परंपराओं को मिल रही नई पहचान
अमित शाह ने गुरु घासीदास और गुरु नानक देव की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा, समानता और सच्चाई छत्तीसगढ़ के संस्कारों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक के माध्यम से लोक संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला नृत्य के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा जैसी पारंपरिक कलाओं का भी जिक्र किया। शाह ने बस्तर दशहरे की 75 दिनों तक चलने वाली परंपरा को राज्य की सांस्कृतिक पहचान बताया।
नक्सलवाद ने विकास और शिक्षा को पहुंचाया नुकसान
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद ने छत्तीसगढ़ के विकास और शिक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सांस्कृतिक गलियारे विकसित होने चाहिए थे, वहां नक्सलवाद के कारण रेड कॉरिडोर बन गया। जंगलों में महुआ और तेंदूपत्ता के बजाय बारूदी सुरंगें बिछाई गईं तथा बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूकें थमा दी गईं। उन्होंने कहा कि जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों की इमारतें उड़ा दी गईं। शाह ने नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार केवल हथियार उठाकर विकास रोकने वालों के हैं या गरीब आदिवासियों के भी हैं?
‘90% नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण’
अमित शाह ने दावा किया कि सरकार की नीति के तहत 90 प्रतिशत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 10 प्रतिशत मारे गए। उन्होंने कहा कि सरकार हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के साथ नागरिकों जैसा व्यवहार करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा के कारण दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। साथ ही, नक्सल प्रभावित इलाकों पर लेख लिखने वालों से वहां जाकर विकास कार्यों और आदिवासियों की समस्याओं को देखने की अपील की।
‘जनताना सरकार’ और मॉक पार्लियामेंट पर विपक्ष को घेरा
गृह मंत्री ने विपक्षी पार्टी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में ‘जनताना सरकार’ के नाम से समानांतर व्यवस्था चलाई और निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों तथा विद्यार्थियों की हत्याएं कीं। शाह ने मॉक पार्लियामेंट आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए इसे संसद का मखौल बताया। उन्होंने कहा कि केवल हाथ में संविधान लेकर घूमने से उसका सम्मान नहीं होता, बल्कि आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।
संसद में चर्चा की चुनौती
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही चलने देने और बहस में हिस्सा लेने की अपील की। शाह के मुताबिक, संसद में चर्चा होने से जनता को पता चल जाएगा कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन।
सरकार ने 70% से ज्यादा गारंटियां पूरी कीं: शाह
गृह मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कम समय में 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी कर दी हैं। उन्होंने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त महिलाओं के खातों में भेजे जाने का जिक्र किया। साथ ही कहा कि धान खरीदी जारी है और कृषि, वनोपज, पशुपालन तथा MSME जैसे क्षेत्र आगे बढ़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ को देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में लाने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि नक्सलमुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने राज्य को देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और बस्तर दशहरे का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं।
‘अगले 10 साल में धरती और लोग दोनों होंगे समृद्ध’
गृह मंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले 10 वर्षों में राज्य की धरती और यहां के लोग दोनों समृद्ध होंगे। शाह के अनुसार, राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 25 गुना बढ़ा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आईटीआई की संख्या दोगुनी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या तीन गुनी और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के साथ महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों की संख्या छह गुनी हुई है। उनके मुताबिक, राज्य की साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत हो गई है।
भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर बढ़ेगा छत्तीसगढ़
अमित शाह ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विकसित, खुशहाल और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प दोहराया।