सागर - मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहने वाले भजन गायक सुनील सिंह लोधी इन दिनों अपनी जिंदगी के एक बेहद अहम दौर से गुजर रहे हैं। जन्म से ही दृष्टिबाधित सुनील ने तमाम मुश्किलों और आर्थिक परेशानियों के बावजूद अपनी प्रतिभा को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। अपनी मधुर आवाज और भक्ति संगीत के प्रति समर्पण के दम पर उन्होंने ऐसी पहचान बनाई कि आज उनके भजन देशभर में सुने जाते हैं। अब उनकी जिंदगी में एक नई उम्मीद ने दस्तक दी है। सुनील की आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्हें उम्मीद है कि शायद अब वह भी इस खूबसूरत दुनिया को अपनी आंखों से देख सकेंगे।
बचपन से ही संघर्षों के बीच सीखा संगीत
सुनील सिंह लोधी का जीवन संघर्ष और हौसले की मिसाल है। सागर जिले में जन्मे सुनील बचपन से ही देख नहीं सकते, लेकिन उनकी इस शारीरिक चुनौती ने कभी उनके सपनों को रोक नहीं पाया। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी ताकत बनाया।
बचपन से ही सुनील को भजन गाने का शौक था। उन्होंने बुंदेलखंड की लोक संस्कृति से जुड़े पारंपरिक वाद्य यंत्र तमूरा बजाना भी सीखा। धीरे-धीरे संगीत उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया। अपनी कला को लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की और आजीविका चलाने के लिए ट्रेनों में भजन गाकर यात्रियों का मनोरंजन भी किया।
सोशल मीडिया ने बदली किस्मत
सुनील की जिंदगी में बड़ा बदलाव साल 2019 में आया, जब उनका एक हनुमान भजन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस भजन को लोगों ने खूब पसंद किया और देखते ही देखते उनकी आवाज दूर-दूर तक पहुंचने लगी। इसके बाद सुनील को पहचान मिलने लगी और उनके संगीत को नए मंच मिलने लगे।
हालांकि, उन्हें देशभर में लोकप्रियता तब मिली, जब नीम करौरी बाबा पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' में उनका गाया भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' सामने आया। इस भजन ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। उनकी भावपूर्ण आवाज और भक्ति से भरे गायन ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
आंखों की रोशनी लौटने की जगी उम्मीद
अब सुनील सिंह लोधी के जीवन में एक और बड़ा बदलाव आने की संभावना दिखाई दे रही है। उनकी आंखों के उपचार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस बात की जानकारी खुद सुनील ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने डॉक्टरों के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लोगों से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की।
सुनील ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए भगवान से प्रार्थना की कि उनकी आंखों की रोशनी वापस आ जाए, ताकि वह भी प्रकृति की खूबसूरती, अपने आसपास के लोगों और इस दुनिया को अपनी आंखों से देख सकें। उनकी यह इच्छा उन लोगों को भी भावुक कर रही है, जो लंबे समय से उनके भजनों को सुनते आ रहे हैं।
फिल्म निर्माता और मुख्यमंत्री ने बढ़ाया मदद का हाथ
सुनील के इलाज में फिल्म 'हनुमान अंश' की निर्माता अनुप्रिया नागर सहयोग कर रही हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनकी सहायता का भरोसा दे चुके हैं। ऐसे में सुनील और उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि उन्हें बेहतर उपचार मिल सकेगा।
डॉक्टरों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
हालांकि, सुनील की आंखों की रोशनी वापस आने की कितनी संभावना है, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। इसके लिए डॉक्टरों को उनकी आंखों की विस्तृत जांच करनी होगी। जांच रिपोर्ट और चिकित्सकीय सलाह के बाद ही उपचार की संभावनाओं को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
फिलहाल सुनील और उनके चाहने वाले इस उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि इलाज से कोई सकारात्मक परिणाम सामने आए। जिस कलाकार ने अपनी आवाज के जरिए लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कान और मन में भक्ति का भाव जगाया, उसकी आंखों में भी रोशनी लौटने की कामना हर कोई कर रहा है।