ऑकलैंड - भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शानदार जीत के साथ किया। ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को पांच विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। इस मुकाबले में विराट कोहली की 74 रनों की शानदार पारी के साथ तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज की गेंदबाजी भी चर्चा का विषय रही।
कंबोज ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। खास बात यह रही कि अपने पिछले वनडे मुकाबले में महंगे साबित हुए कंबोज ने इस बार शानदार वापसी करते हुए केवल 22 रन खर्च किए और दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
अंशुल कंबोज ने शानदार गेंदबाजी से दिया जवाब
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारतीय टीम इस मुकाबले में चार तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरी, जिनमें अंशुल कंबोज भी शामिल थे। टीम मैनेजमेंट ने युवा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर पर भरोसा जताया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस फैसले को सही साबित किया।
कंबोज ने अपने 10 ओवर के स्पेल में महज 22 रन दिए। उनकी इकॉनमी 2.20 रन प्रति ओवर रही। इस दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और ऑलराउंडर नाथन स्मिथ को आउट कर भारतीय टीम को अहम सफलता दिलाई। उनकी किफायती गेंदबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कीवी बल्लेबाज उनके खिलाफ बड़े शॉट खेलने से बचते नजर आए।
डेब्यू में 82 रन लुटाकर उठे थे सवाल
अंशुल कंबोज के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा, क्योंकि इससे पहले वनडे क्रिकेट में उनका पदार्पण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने डेब्यू मुकाबले में उन्हें गेंदबाजी का मौका मिला था, लेकिन वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।
उस मैच में कंबोज ने नौ ओवर गेंदबाजी करते हुए 82 रन खर्च कर दिए थे। उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला था। इस प्रदर्शन के बाद उनकी गेंदबाजी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने की क्षमता को लेकर सवाल उठने लगे थे। हालांकि, भारतीय टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। उन्हें एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में तैयार करने की योजना जारी रखी गई। न्यूजीलैंड के खिलाफ कंबोज ने अपने प्रदर्शन से दिखाया कि वह पिछली नाकामी से उबरकर बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।
न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को नहीं मिला खुलकर खेलने का मौका
पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखाई दी। मेजबान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके बल्लेबाज नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। विल यंग और हेनरी निकोल्स नौ-नौ रन बनाकर आउट हो गए।
टिम सीफर्ट ने 38 रनों की पारी खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की। वहीं डेरिल मिचेल ने 28 और ग्लेन फिलिप्स ने 30 रन बनाए। हालांकि, बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहे। विकेटकीपर टॉम लैथम और कप्तान मिचेल सैंटनर भी बल्ले से खास योगदान नहीं दे सके। भारतीय गेंदबाजों के लगातार दबाव के चलते न्यूजीलैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 185 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।
विराट कोहली की पारी से भारत ने दर्ज की जीत
186 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में झटका लगा और रोहित शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभाला। हालांकि, बारिश के कारण मुकाबला रोकना पड़ा और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत भारत को 32 ओवर में 143 रनों का संशोधित लक्ष्य मिला।
विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 51 गेंदों में 74 रन बनाए। उनकी पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। शुभमन गिल ने भी 56 गेंदों पर 37 रन जोड़े। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 113 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। अंत में भारतीय टीम ने 22.4 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
टीम मैनेजमेंट के भरोसे पर खरे उतरे कंबोज
न्यूजीलैंड के खिलाफ अंशुल कंबोज का प्रदर्शन उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। डेब्यू मुकाबले की निराशा के बाद उन्होंने जिस तरह वापसी की, उससे उनकी क्षमता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की काबिलियत सामने आई है। चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरी भारतीय टीम के लिए कंबोज ने किफायती गेंदबाजी के साथ विकेट भी हासिल किए। अब सीरीज के आगामी मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें रहेंगी।