पूर्णिया - बिहार के पूर्णिया में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों को लेकर तंज कसते हुए कहा कि देश में चोरी जरूर हो रही है, लेकिन यह वोटों की नहीं, बल्कि दिल की चोरी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कई विवादित और व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी कीं। उनके भाषण में चुनाव, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), संसद में चर्चा और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे।
पूर्णिया में भाजपा की पदयात्रा, बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता
पूर्णिया में आयोजित इस पदयात्रा में हिमंता बिस्वा सरमा के साथ बिहार सरकार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल और रत्नेश सदा भी शामिल हुए। इसके अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे। असम के मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इतनी तेज गर्मी में भी लोगों का बड़ी संख्या में पहुंचना उनके उत्साह और समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पदयात्रा में एकजुट होकर शामिल होने की अपील भी की।
'वोट चोरी नहीं, दिल की चोरी हो रही है'
अपने संबोधन में हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने देश में एक नया राजनीतिक तर्क शुरू किया है कि चुनावों में वोटों की चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि काफी समय से वह इस तरह के आरोप सुन रहे हैं, लेकिन उनके मुताबिक देश में जो चोरी हो रही है, वह वोटों की नहीं बल्कि लोगों के दिलों की है।
सीएम सरमा ने दावा किया कि भाजपा अपने काम और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए लोगों का विश्वास हासिल कर रही है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि चुनाव में सफलता पाने के लिए आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच काम करना चाहिए और उनका समर्थन हासिल करना चाहिए।
राहुल गांधी को बांग्लादेश भेजने वाला बयान चर्चा में
हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए बाबर और औरंगजेब के नामों को लेकर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस बात से परेशान हैं कि कुछ नाम हटाए जा रहे हैं और ऐसे में चुनाव कैसे जीतेंगे।
इसके बाद उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि वे मिलकर राहुल गांधी को बांग्लादेश में पैराशूट से उतार देंगे, जहां वह चुनाव जीत सकते हैं। उन्होंने बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में राहुल गांधी की चुनावी संभावनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन राज्यों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकती। यह टिप्पणी उनके भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा रही।
गुलाब और दीपावली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
असम के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के एक वीडियो को लेकर भी कटाक्ष किया। दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए गुलाब का फूल हाथ में लेकर एक वीडियो साझा किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि गुलाब आमतौर पर वैलेंटाइन डे पर दिया जाता है, दीपावली पर नहीं।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और त्योहारों की परंपराओं का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की समझ पर सवाल उठाए। सरमा ने कहा कि विपक्ष के नेता को देश की सांस्कृतिक परंपराओं की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को अपनी समझ विकसित करने की सलाह भी दी।
सड़क पर नहीं, संसद में होनी चाहिए प्रधानमंत्री से बहस
हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी के राजनीतिक विरोध के तरीकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद पर हैं और इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री के साथ राजनीतिक और नीतिगत मुद्दों पर बहस संसद में करनी चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री के साथ चर्चा के लिए लोगों को सड़कों पर बुलाने की क्या जरूरत है? सरमा ने कहा कि भारत कोई बांग्लादेश या नेपाल नहीं है, जहां सड़क पर इस तरह की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर माहौल बनाया जाए। उन्होंने राहुल गांधी को विदेशों में जाकर भारत की राजनीति पर बयान देने और लोगों को गुमराह करने से बचने की सलाह दी। उनके मुताबिक, संसद चर्चा और संवाद का उचित मंच है। वहां शांतिपूर्वक बहस होनी चाहिए, ताकि देश की जनता भी नेताओं के विचार और तर्क सुन सके।
SIR के विरोध पर भी कांग्रेस को घेरा
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री सरमा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष के विरोध पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद शिकायत करने और रोने से राजनीतिक सफलता नहीं मिलती। विपक्षी नेताओं को चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच काम करना चाहिए और लोगों का भरोसा हासिल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि SIR के खिलाफ हंगामा करने से किसी राजनीतिक दल को चुनाव जीतने में मदद नहीं मिलेगी। चुनावी सफलता का रास्ता जनता के दिलों में जगह बनाने से होकर गुजरता है। इस तरह पूर्णिया की पदयात्रा में हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी और कांग्रेस को कई मुद्दों पर घेरा। उनके भाषण में वोट चोरी के आरोपों से लेकर संसद में बहस, दीपावली के वीडियो और SIR तक कई विषय शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयानों ने बिहार की राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया।