कोलकाता: पश्चिम बंगाल में जनगणना की तैयारियों के बीच 2027 की माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। जनगणना और बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में टकराव को देखते हुए राज्य सरकार परीक्षा कार्यक्रम को नए सिरे से तय करने पर विचार कर रही है। राज्य के शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने बताया कि इस संबंध में अंतिम निर्णय अगले सप्ताह तक लिया जा सकता है।
जनगणना और परीक्षा की तारीखों में टकराव
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, दिल्ली स्थित जनगणना बोर्ड की ओर से जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी की जा चुकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना का काम माध्यमिक परीक्षा के दौरान ही चलने वाला है। ऐसे में परीक्षा आयोजन और जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों की तैनाती को लेकर प्रशासनिक परेशानी सामने आ सकती है। इसी वजह से परीक्षा की तारीखों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
माध्यमिक के बाद होगी उच्च माध्यमिक परीक्षा
सरकार की योजना के अनुसार, उच्च माध्यमिक परीक्षा किसी भी स्थिति में माध्यमिक से पहले आयोजित नहीं की जाएगी। पहले माध्यमिक और उसके बाद उच्च माध्यमिक परीक्षा कराने की तैयारी है। हालांकि, दोनों परीक्षाओं को कितने दिनों तक आगे बढ़ाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। शिक्षा मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि उच्च माध्यमिक परीक्षा की तारीखों में बदलाव से राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
माध्यमिक परीक्षा 15 फरवरी से होने की थी तैयारी
गौरतलब है कि 2027 की माध्यमिक परीक्षा 15 फरवरी से शुरू होकर 25 फरवरी तक चलने वाली थी। लेकिन अब मध्य शिक्षा परिषद की ओर से 2 मार्च से 16 मार्च तक परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव सामने आया है। हालांकि, इस नई समय-सारणी पर अभी आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।
सरकारी काम में शिक्षकों की तैनाती पर क्या बोले शिक्षा मंत्री?
जनगणना के काम में शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों में अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार तैनाती करना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यह कोई नई व्यवस्था नहीं है।
लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर फैसले पर
जनगणना जैसे बड़े प्रशासनिक कार्य और राज्य की महत्वपूर्ण बोर्ड परीक्षाओं के बीच तालमेल बैठाना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। परीक्षा की तारीखों में संभावित बदलाव को लेकर लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर राज्य सरकार के फैसले पर टिकी है। अगले सप्ताह नई परीक्षा-सारणी को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।