नई दिल्ली | चुनाव आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की है। इस प्रक्रिया में अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम शामिल हैं। इस अभियान का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना है। इसमें युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
2027 में 18 साल के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन
चुनाव आयोग के अनुसार, ऐसे लोग भी पहले से आवेदन कर सकेंगे, जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष के हो जाएंगे। इससे इन तारीखों पर मतदान की पात्रता हासिल करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।
30 नवंबर को जारी होगा मसौदा, 21 जनवरी को अंतिम सूची
आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची का मसौदा 30 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं कि पुनरीक्षण का काम समय पर पूरा करने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
SIR के तीसरे चरण के बाद नई घोषणा
यह घोषणा चुनाव आयोग की ओर से मई में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत के कुछ महीने बाद हुई है। इस चरण में 16 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव भी शामिल थे। SIR के तहत करीब 36.7 करोड़ मतदाताओं की पात्रता की जांच की जानी थी। आयोग ने इस प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा करने की योजना बनाई थी। इसके लिए 2027 की जनगणना के कार्यक्रम और मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा गया था।