भोपाल | मध्य प्रदेश की बीना विधानसभा सीट से विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता से जुड़े दल-बदल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को मामले में दो महीने के भीतर फैसला लेने को कहा है।
उमंग सिंघार ने दायर की थी याचिका
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने निर्मला सप्रे की अयोग्यता को लेकर याचिका दायर की थी। यह मामला दल-बदल से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को निर्धारित समयसीमा में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
स्पीकर बोले- न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि यह न्यायिक प्रक्रिया है और न्यायालय के हर निर्णय का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में विधि के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभी विधायक पद से अयोग्य नहीं हुईं निर्मला सप्रे
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल निर्मला सप्रे को अयोग्य घोषित नहीं किया है। अदालत ने केवल विधानसभा अध्यक्ष को दो महीने के भीतर मामले पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में स्पीकर के निर्णय पर सबकी नजर रहेगी।