भोपाल - मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती के अवसर पर 6 नवंबर को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान धन्वंतरि से प्रदेश के सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और अन्य नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धनतेरस के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता पर भी अपने विचार साझा किए।
धनतेरस से शुरू होता है पांच दिवसीय दीपोत्सव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दीपावली का पांच दिवसीय उत्सव धनतेरस के साथ प्रारंभ होता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने की परंपरा है। भारतीय संस्कृति में धनतेरस को केवल धन और संपत्ति प्राप्त करने का पर्व नहीं माना गया है, बल्कि इस दिन अच्छे स्वास्थ्य और निरोगी जीवन के महत्व को भी विशेष रूप से याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इंसान के जीवन में सबसे मूल्यवान संपत्ति उसका स्वास्थ्य है। यदि व्यक्ति स्वस्थ है तो वह जीवन के सुखों का बेहतर आनंद ले सकता है। इसी वजह से भारतीय परंपरा में निरोगी काया को सबसे बड़ा सुख माना गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।
आयुर्वेद और होम्योपैथी को भी मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के साथ पारंपरिक उपचार प्रणालियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। एलोपैथी के साथ आयुर्वेद और होम्योपैथी को जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के माध्यम से भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपराओं को नई पहचान और सम्मान मिल रहा है। आयुर्वेद जैसी पारंपरिक पद्धतियों को बढ़ावा देना भारतीय ज्ञान और चिकित्सा विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। भगवान धन्वंतरि की जयंती इस विरासत के महत्व को समझने और उसे संरक्षित करने का अवसर भी प्रदान करती है।
स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहा मकान का मालिकाना हक
धनतेरस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हित में संचालित स्वामित्व योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांवों में लोग अपने मकान बनाने और उन्हें बेहतर बनाने के लिए जीवनभर की कमाई तथा लाखों रुपये की पूंजी खर्च करते हैं। इसके बावजूद कई लोगों के पास अपने घर के पुख्ता कानूनी दस्तावेज नहीं होते।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों के आवासों की निशुल्क रजिस्ट्री कराने का निर्णय लिया गया है। मध्य प्रदेश सरकार इस योजना को अभियान के रूप में आगे बढ़ा रही है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
मकान के दस्तावेजों से बैंक ऋण लेने की सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत मकान के कानूनी दस्तावेज मिलने से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से भी फायदा हो रहा है। इन दस्तावेजों के आधार पर पात्र लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार बैंक से ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है।
डॉ. मोहन यादव ने योजना से लाभान्वित होने वाले सभी ग्रामीण परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर का अधिकार मिले और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें। इस तरह धनतेरस के मौके पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम धार्मिक आस्था, बेहतर स्वास्थ्य और ग्रामीणों को संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने जैसे विषयों पर केंद्रित रहा।