महाराष्ट्र - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेता पर भारतीय लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। फडणवीस का दावा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था को बदलने और सत्ता परिवर्तन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस कथित कोशिश के पीछे अतिवामपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने की मंशा होने की बात भी कही। मुख्यमंत्री के इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
राहुल गांधी के सड़क पर लड़ाई लड़ने वाले बयान पर पलटवार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें राजनीतिक संघर्ष को संसद से बाहर सड़कों पर ले जाने की बात कही गई थी। फडणवीस ने कहा कि जब तक संविधान लागू है और देश में डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा तैयार किया गया संवैधानिक ढांचा कायम है, तब तक राजनीतिक लड़ाई संसद के भीतर ही लड़ी जाएगी।
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा उन लोगों के खिलाफ एकजुट है, जिन पर लोकतंत्र को निशाना बनाने और भारतीय संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेदों और विरोध को संवैधानिक दायरे में रहकर ही व्यक्त किया जाना चाहिए।
एक लाख के मुकाबले एक करोड़ लोगों को उतारने की बात
फडणवीस ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर भाजपा सड़क पर उतरने के लिए तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से 100 लोग आते हैं तो भाजपा भी 100 लोगों के साथ जवाब देगी। यदि एक हजार लोग आते हैं तो भाजपा एक लाख लोगों को लेकर सामने आएगी। इसी तरह एक लाख लोगों के मुकाबले एक करोड़ लोगों को जुटाने की बात भी उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई केवल भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह देश के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने अपने बयान में बार-बार संविधान की सर्वोच्चता और उसके तहत स्थापित संस्थाओं को बनाए रखने पर जोर दिया।
सत्ता परिवर्तन की साजिश का लगाया आरोप
देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश में रेजीम चेंज यानी मौजूदा सत्ता व्यवस्था को बदलने की बात की जा रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यहां सत्ता परिवर्तन का अर्थ केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि भारतीय संविधान और उसके आधार पर काम करने वाली संस्थाओं की मौजूदा व्यवस्था को बदलने से है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में एक अतिवामपंथी व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि भारत में भी इसी तरह की व्यवस्था लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, ये फडणवीस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
संविधान को लेकर राहुल गांधी को दी चेतावनी
अपने बयान के अंत में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने संविधान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो इसका खामियाजा उन्हें खुद भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संविधान के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करने वालों के अपने हाथ भी जल सकते हैं।
फडणवीस के इस बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे विवाद का केंद्र संसद और सड़क पर राजनीतिक संघर्ष की भूमिका बन गई है। अब देखना होगा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।