सोमवार को नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान समागुरी विधानसभा क्षेत्र के बरमा इलाके में कांग्रेस नेताओं के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाते हुए ‘गो बैक’ के नारे लगाए। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।काफिले में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन और कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा समेत कई नेता मौजूद थे।
काफिले की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि इसके बाद काफिले की गाड़ियों पर पत्थर और बोतलें फेंकी गईं। कुछ वाहनों के शीशे टूटने की जानकारी सामने आई है। गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ताओं ने उस वाहन को निशाना बनाया, जिसमें वे और भूपेश बघेल मौजूद थे। उन्होंने कहा कि पुलिस से पहले ही भीड़ को नियंत्रित करने का अनुरोध किया गया था।
पुलिस और CRPF ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और CRPF की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, सुरक्षाबलों पर भी पथराव की सूचना मिली। इसके बाद कांग्रेस नेताओं को सुरक्षा घेरे में वहां से निकाला गया।पुलिस के मुताबिक, घटना के सिलसिले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ा तनाव
यह घटना नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई है। नगांव सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को, जबकि BJP ने देबाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।कांग्रेस ने घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना को लेकर सामने आए आरोपों की पुलिस जांच जारी है।