शाजापुर, 22 सितंबर। जलझूलनी एकादशी यानी डोल ग्यारस के अवसर पर आज शाजापुर में धार्मिक चल समारोह निकाले जाएंगे। साझा कार्यक्रम विवरण के अनुसार, आयोजन की शुरुआत किला परिसर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर से होगी। यहां प्रशासनिक अधिकारियों की पूजा-अर्चना के बाद सबसे पहले शासकीय डोल रवाना किया जाएगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग स्थानों से अन्य 24 डोल निकाले जाएंगे।
पूजा-अर्चना के बाद नगर भ्रमण पर निकलेंगे बाल गोपाल
कार्यक्रम के अनुसार, श्रीराम मंदिर के प्राचीन डोल को फूलों से सजाया जाएगा। इसमें बाल गोपाल को विराजमान करने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना होगी। प्रशासनिक अधिकारी पूजन करेंगे और फिर डोल को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया जाएगा। किला परिसर के श्रीराम मंदिर से शासकीय डोल निकालने की परंपरा पुरानी है। नईदुनिया की सितंबर 2021 की रिपोर्ट में भी यहां अधिकारियों द्वारा पूजन के बाद शासकीय डोल निकाले जाने का उल्लेख मिलता है।
शासकीय डोल के बाद निकलेंगे अन्य 24 डोल
इस वर्ष के साझा विवरण के मुताबिक, शासकीय डोल रवाना होने के बाद नगर के अलग-अलग स्थानों से 24 अन्य डोल चल समारोह निकाले जाएंगे। इनके साथ धार्मिक झांकियां भी शामिल होंगी।
शासकीय डोल के पीछे अन्य 24 डोल निकालने की व्यवस्था का उल्लेख पुरानी स्थानीय रिपोर्ट में भी है। हालांकि, इस बार के चल समारोहों का विस्तृत समय और मार्ग साझा विवरण में नहीं दिया गया है।
ड़ों के युवा दिखाएंगे पारंपरिक कला
डोल ग्यारस के आयोजन में इस बार भी अखाड़ों की भागीदारी रहेगी। दिए गए कार्यक्रम विवरण के अनुसार, झांकियों के साथ अखाड़ों के युवा अपनी पारंपरिक कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस तरह चल समारोह में धार्मिक आयोजन के साथ स्थानीय सांस्कृतिक परंपरा की झलक भी दिखाई देगी।
श्रीकृष्ण की पालकी यात्रा से जुड़ा है उत्सव
डोल ग्यारस के उत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की सजी हुई प्रतिमाओं को डोल या पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा निकालने की परंपरा है। पर्यटन मंत्रालय के ‘इनक्रेडिबल इंडिया’ पोर्टल पर भी इस पर्व के दौरान भजन, पूजन और पारंपरिक प्रस्तुतियों का उल्लेख किया गया है।