भोपाल। राजधानी भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर की मध्यस्थता और आश्वासन के बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया है। हड़ताल खत्म होने के बाद स्वच्छता मित्र काम पर लौट आए हैं और शहर की सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने में जुट गए हैं। वहीं, कर्मचारियों की नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और अनुकंपा नियुक्ति जैसी मांगों को लेकर सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।
कृष्णा गौर के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने खत्म किया आंदोलन
भोपाल में नगर निगम के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। कर्मचारियों के आंदोलन के चलते शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लगने लगे थे, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। स्थिति को देखते हुए राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर ने कर्मचारियों से बातचीत की और उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मंत्री के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया।
नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन समेत कई मांगें
सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन और अनुकंपा नियुक्ति शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। अब कर्मचारियों को सरकार से उनकी मांगों पर ठोस निर्णय की उम्मीद है।
काम पर लौटे स्वच्छता मित्र, सफाई व्यवस्था बहाल करने की कवायद
हड़ताल खत्म होने के बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारी अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई कार्य में जुट गए हैं। सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और रिहायशी इलाकों में जमा कचरे को उठाने का काम शुरू कर दिया गया है। नगर निगम की कोशिश है कि जल्द से जल्द शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो और नागरिकों को राहत मिल सके।
सरकार के फैसले पर टिकी कर्मचारियों की निगाहें
मंत्री कृष्णा गौर के आश्वासन के बाद भले ही कर्मचारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया हो, लेकिन उनकी मांगों का स्थायी समाधान होना अभी बाकी है। ऐसे में अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम और कर्मचारियों की मांगों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।