एशियन गेम्स 2026 में भारतीय स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को महिला टीम क्वार्टर फाइनल के पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। जापान की अकाने यामागुची ने कड़े मुकाबले में सिंधु को 21-23, 21-18, 21-11 से हराकर तीन गेम के मुकाबले में 2-1 से जीत दर्ज की। इस नतीजे के साथ जापान ने क्वार्टर फाइनल टाई में भारत के खिलाफ 1-0 की बढ़त बना ली।
पहले गेम में सिंधु ने दिखाई शानदार वापसी
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। यामागुची ने पहले गेम में 18-15 की बढ़त बना ली थी, लेकिन सिंधु ने लंबे रैलियों के दौरान धैर्य बनाए रखते हुए लगातार अंक जुटाए और स्कोर 18-18 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच मुकाबला 20-20 तक पहुंचा। अतिरिक्त अंकों में सिंधु ने अपना संयम बनाए रखा और 23-21 से गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में यामागुची ने की बराबर
पहला गेम गंवाने के बाद यामागुची ने दूसरे गेम में अपनी रणनीति बदली। उन्होंने रैलियों की गति बढ़ाई और सिंधु को लगातार कोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में खेलने के लिए मजबूर किया। इसका फायदा जापानी खिलाड़ी को मिला और उन्होंने 21-18 से दूसरा गेम जीतकर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुंच गया।
निर्णायक गेम में सिंधु पर भारी पड़ीं यामागुची
तीसरे गेम में यामागुची ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा। लंबे और थकाऊ रैलियों के बीच सिंधु को लगातार मूवमेंट करनी पड़ी, जिसका असर निर्णायक गेम में नजर आया। यामागुची ने बढ़त को लगातार मजबूत किया और अंत में 21-11 से तीसरा गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। पूरा मुकाबला करीब 72 मिनट चला।
भारत के सामने अब बाकी मुकाबले जीतने की चुनौती
सिंधु की हार के बाद भारत की महिला टीम जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल टाई में 0-1 से पीछे हो गई है। अब भारत को अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए वापसी करनी होगी। क्वार्टर फाइनल टाई में उन्नति हुड्डा, ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और तान्वी शर्मा जैसे खिलाड़ियों की भूमिका अहम होगी।
भारत ने इससे पहले राउंड ऑफ-16 में कजाकिस्तान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। उस मुकाबले में सिंधु, उन्नति हुड्डा और तान्वी शर्मा ने अपने-अपने एकल मुकाबले सीधे गेम में जीते थे।
सिंधु और यामागुची की पुरानी प्रतिद्वंद्विता
पीवी सिंधु और अकाने यामागुची के बीच मुकाबला लंबे समय से बैडमिंटन की चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में रहा है। एशियन गेम्स का यह मुकाबला भी उसी प्रतिस्पर्धा की एक और कड़ी रहा। दिलचस्प बात यह है कि दोनों की पिछली भिड़ंत जुलाई 2026 में जापान ओपन के फाइनल में हुई थी, जहां सिंधु ने यामागुची को हराकर खिताब जीता था।