एंटरटेनमेंट डेस्क। सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ में इस बार नॉमिनेशन की प्रक्रिया अलग अंदाज में हुई। घरवालों को किसी सदस्य को बेघर करने के लिए नॉमिनेट करने के बजाय दो लोगों को सुरक्षित करना था। इस प्रक्रिया के बाद यंग डीएसए और ईशा रिखी नॉमिनेट हो गए, क्योंकि दोनों को बचाने के लिए किसी भी सदस्य ने उनका नाम नहीं लिया। इसके बाद हुए टास्क में अमन गांधी को एक सदस्य की लाइफलाइन छीनने का अधिकार मिला। उन्होंने यंग डीएसए को चुना, जिसके बाद दोनों के बीच बहस भी हुई।
नॉमिनेशन में इस बार क्या था अलग?
इस बार कंटेस्टेंट्स को उन दो सदस्यों का नाम बताना था, जिन्हें वे नॉमिनेशन से बचाना चाहते थे। घरवालों ने अपनी पसंद के सदस्यों को सुरक्षित किया, लेकिन यंग डीएसए और ईशा रिखी को एक भी ‘सेव वोट’ नहीं मिला। इसी वजह से दोनों इस सप्ताह नॉमिनेशन की सूची में आ गए।
ईशा ने कनिका को बचाया, लेकिन बदले में नहीं मिला साथ
नॉमिनेशन के दौरान ईशा रिखी ने कनिका मान और अरिश्फा खान को सुरक्षित करने के लिए चुना। हालांकि, कनिका ने ईशा के बजाय मैरी कॉम और काजी तौकीर का नाम लिया। इस तरह ईशा की ओर से कनिका को समर्थन मिला, लेकिन कनिका की पसंद में ईशा शामिल नहीं रहीं।
‘रूम नंबर 20’ में सबसे पहले पहुंचे अमन गांधी
नॉमिनेशन के बाद घरवालों को राशन की बास्केट से जुड़ा एक टास्क दिया गया। इसमें सबसे जल्दी ‘रूम नंबर 20’ तक पहुंचने वाले सदस्य को विशेष मौका मिलना था। अमन गांधी सबसे पहले वहां पहुंचे और टास्क जीत गए। इसके साथ उन्हें किसी एक सदस्य की लाइफलाइन छीनने का अधिकार मिला।
अमन ने यंग की लाइफलाइन छीनी, दोनों के बीच हुई बहस
अमन गांधी ने अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यंग डीएसए की एक लाइफलाइन खत्म कर दी। इसके बाद यंग ने उनके फैसले पर सवाल उठाए। टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक, यंग ने पूछा कि ईशा रिखी का विकल्प मौजूद होने के बावजूद अमन ने उन्हें क्यों चुना। इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
क्या नॉमिनेशन का मतलब सीधे घर से बाहर होना है?
नहीं, नॉमिनेट होना और बेघर होना अलग-अलग चरण हैं। इस सीजन में अतिरिक्त जीवनदान की व्यवस्था भी खेल का हिस्सा है। नॉमिनेटेड सदस्यों को दर्शकों की वोटिंग का सामना करना पड़ता है और परिणाम का असर उनकी बची हुई लाइफलाइन पर पड़ सकता है। इसलिए यंग की एक लाइफलाइन छिनने को उनके तत्काल एविक्शन की घोषणा नहीं समझना चाहिए।