इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। कार्यक्रम के दौरान स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने मंच पर पीएम मोदी की मिमिक्री की थी। वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई, जबकि कांग्रेस की ओर से इसे मिमिक्री और हास्य प्रस्तुति बताया गया। अब बीजेपी की वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कार्यक्रम में ‘मां’ जैसे शब्द के इस्तेमाल और मिमिक्री को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी पर निशाना साधा।
उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
मीडिया से चर्चा के दौरान उषा ठाकुर ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में जिस तरह की प्रस्तुति हुई, वह कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मंच पर ‘मां’ जैसे सम्मानित शब्द का मजाक बनाया जाना उचित नहीं है। उषा ठाकुर ने इसे लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उनके बयान के अनुसार, सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं के सामने होने वाली ऐसी प्रस्तुतियों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
‘प्रायोजित भीड़’ का भी लगाया आरोप
उषा ठाकुर ने कार्यक्रम में जुटी भीड़ को लेकर भी दावा किया कि यह ‘प्रायोजित भीड़’ थी। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पर्याप्त विषय नहीं होते, तब ऐसे तरीकों का सहारा लिया जाता है। हालांकि, यह उषा ठाकुर का राजनीतिक आरोप है। कार्यक्रम में मौजूद भीड़ की प्रकृति को लेकर स्वतंत्र रूप से कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
छात्रों और युवाओं को लेकर क्या बोलीं उषा ठाकुर?
बीजेपी विधायक ने कहा कि मालवांचल के छात्र और युवा अपने फैसले लेने में सक्षम और विवेकशील हैं। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कार्यक्रमों का युवाओं की सोच पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों के बीच कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तो उसमें नैतिकता, राष्ट्रवाद और युवाओं की जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।
‘मां राष्ट्र की आद्य शक्ति’ बताकर साधा निशाना
उषा ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले मां के सम्मान से जुड़े सार्वजनिक बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि मां का स्थान सम्मानित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के कारण इस तरह के पवित्र शब्दों को विवाद का विषय बनाया गया। उन्होंने राहुल गांधी की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक जिम्मेदार राजनीतिक पद पर रहने वाले नेता के सामने इस तरह की प्रस्तुति होना राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
मिमिक्री को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में बयानबाजी
इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी हुई है। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी से माफी की मांग तक की, जबकि कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी की आलोचना को खारिज करते हुए प्रस्तुति को मिमिक्री और हास्य के रूप में देखा।
मामले पर कांग्रेस के भीतर भी कुछ नेताओं ने निजी तौर पर यह राय रखी कि मिमिक्री से कार्यक्रम के मूल छात्र मुद्दों से ध्यान हट गया। इस पूरे विवाद के बीच उषा ठाकुर का बयान सामने आने से मध्य प्रदेश की राजनीति में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की मिमिक्री को लेकर बहस और तेज हो गई है।