कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बर्धमान-दुर्गापुर से लोकसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद मंगलवार को कथित उगाही और धमकी के मामले में पश्चिम बंगाल CID के सामने पेश हुए। आजाद भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय पहुंचे, जहां जांच अधिकारियों ने मामले को लेकर उनसे पूछताछ की।
कारोबारी ने लगाया 15 लाख रुपये मांगने का आरोप
मामला एक कारोबारी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, मई 2025 में कारोबारी को दुर्गापुर स्थित कीर्ति आजाद के बंगले पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां आजाद के एक सहयोगी ने कारोबारी से 15 लाख रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रकम नहीं देने पर उसके कुकिंग गैस वितरण कारोबार को बंद कराने की धमकी दी गई।
FIR में आजाद समेत कई लोगों के नाम
कारोबारी की शिकायत के आधार पर कीर्ति आजाद और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके बाद मामले की जांच पुलिस से CID को सौंप दी गई। जांच एजेंसी अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
हाई कोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत
इस मामले में कीर्ति आजाद ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। 15 सितंबर को अदालत ने उन्हें फिलहाल गिरफ्तारी समेत किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सांसद को CID की जांच में सहयोग करना होगा और 22 सितंबर को भवानी भवन में पेश होना होगा।
पूछताछ के लिए सात दिन पहले नोटिस का निर्देश
अदालत ने यह भी कहा था कि अगर जांच एजेंसी को आगे पूछताछ के लिए कीर्ति आजाद की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें कम से कम सात दिन पहले नोटिस देना होगा। CID को मामले की जांच आगे बढ़ाने और निर्धारित अवधि के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करने का भी निर्देश दिया गया है।
कीर्ति आजाद ने आरोपों से किया इनकार
कीर्ति आजाद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। CID मुख्यालय के बाहर उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें परेशान करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले अदालत में भी आजाद ने दावा किया था कि कथित घटना के दिन वह दुर्गापुर में मौजूद नहीं थे और इसके समर्थन में अपनी विमान यात्रा से जुड़े दस्तावेज पेश किए थे।
FIR रद्द करने की भी मांग
कीर्ति आजाद ने इस मामले में दर्ज FIR को रद्द करने की मांग को लेकर भी कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है। वहीं, CID की जांच जारी है और मंगलवार को हुई पूछताछ इसी जांच का हिस्सा है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।