भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून की बारिश का दौर जारी है। प्रदेश में अब तक औसतन 869.3 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो सामान्य बारिश के मुकाबले 91.5% है। हालांकि, बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से 2.3 इंच कम है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। बारिश का यह दौर 26 सितंबर तक जारी रहने के आसार हैं।
छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक, बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।
26 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में सक्रिय हो रहा है। इसके और मजबूत होने की संभावना है।इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्य भारत में बारिश को प्रभावित कर सकती हैं।23 और 24 सितंबर को भी कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
सोमवार-मंगलवार 33 जिलों में हुई तेज बारिश
इससे पहले सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं।सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश हुई।
सामान्य से 2.3 इंच कम बारिश
IMD के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी 34.2 इंच बारिश हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 927.5 मिमी यानी 36.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में बारिश करीब 2.3 इंच कम है।कुल मिलाकर प्रदेश में सामान्य से करीब 6% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी करीब 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 10% कम बारिश दर्ज की गई है।
इन इलाकों में बारिश की कमी
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसत से 5% से 22% तक कम बारिश दर्ज हुई है।
पश्चिमी MP के कई जिलों में ज्यादा कमी
पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
IMD के अनुसार, प्रदेश के 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने से प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े में और सुधार होने की संभावना है।