बैरकपुर: तारापीठ के मां तारा मंदिर जाने वाले उत्तर 24 परगना, नदिया और उत्तर कोलकाता के यात्रियों के लिए रेलवे से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। खबरों के मुताबिक, सियालदह-रामपुरहाट मां तारा एक्सप्रेस (13187/13188) को बैरकपुर स्टेशन पर प्रायोगिक तौर पर ठहराव देने का फैसला किया गया है। प्रस्तावित ठहराव करीब 2 मिनट का होगा। मां तारा एक्सप्रेस फिलहाल सियालदह और रामपुरहाट के बीच रोजाना चलती है और बैरकपुर से होकर गुजरती है। उपलब्ध ट्रेन समय-सारिणी में 13187 के लिए बैरकपुर से गुजरने का समय करीब 7:44 बजे और वापसी की 13188 सेवा में करीब 18:02 बजे का समय दर्ज है।
बैरकपुर में 2 मिनट का प्रायोगिक ठहराव
सूत्रों के अनुसार, बैरकपुर स्टेशन पर इस अतिरिक्त ठहराव को शुरुआत में प्रायोगिक आधार पर लागू किया जा रहा है। यात्रियों की प्रतिक्रिया, टिकट बिक्री और इस ठहराव से होने वाले राजस्व जैसे मानकों को देखते हुए आगे इसे जारी रखने पर फैसला लिया जा सकता है। ट्रेन संख्या 13187 सियालदह-रामपुरहाट मां तारा एक्सप्रेस सियालदह से सुबह 7:20 बजे रवाना होती है। मौजूदा समय-सारिणी के मुताबिक ट्रेन करीब 7:44 बजे बैरकपुर से गुजरती है। वहीं, वापसी में 13188 रामपुरहाट-सियालदह मां तारा एक्सप्रेस बैरकपुर से गुजरते हुए सियालदह की ओर जाती है। उपलब्ध समय-सारिणी में बैरकपुर का समय करीब 18:02 बजे दर्ज है।
तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं को होगा फायदा
रामपुरहाट स्टेशन तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख रेल संपर्क केंद्र है। बैरकपुर में ठहराव मिलने से बैरकपुर और आसपास के इलाकों के यात्रियों को मां तारा एक्सप्रेस पकड़ने के लिए पहले सियालदह जाने की जरूरत कम हो सकती है। खबरों के अनुसार, टीटागढ़, खड़दह, श्यामनगर, इच्छापुर, सोदपुर और आसपास के इलाकों से तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। इसके अलावा रामपुरहाट-बोलपुर मार्ग पर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन उपयोगी है। मां तारा एक्सप्रेस बोलपुर-शांतिनिकेतन समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है।
रोजाना यात्रियों को भी मिलेगी सुविधा
बैरकपुर उत्तर 24 परगना का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है और सियालदह क्षेत्र से बड़ी संख्या में यात्री यहां से रोजाना यात्रा करते हैं। ऐसे में एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव स्थानीय यात्रियों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय यात्रियों और विभिन्न संगठनों की ओर से लंबे समय से इस ट्रेन के बैरकपुर में ठहराव की मांग की जा रही थी। अब प्रायोगिक ठहराव मिलने के बाद यात्रियों की संख्या और प्रतिक्रिया पर रेलवे की नजर रहेगी।
6 महीने के ट्रायल के बाद स्थायी फैसले की उम्मीद
खबरों के मुताबिक, बैरकपुर में यह ठहराव शुरुआत में करीब 6 महीने के प्रायोगिक आधार पर रखने की योजना है। इस अवधि के दौरान रेलवे यह देखेगा कि कितने यात्री इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं और ठहराव से ट्रेन के संचालन पर क्या प्रभाव पड़ता है। अगर यात्री संख्या और अन्य परिचालन मानक संतोषजनक रहे तो ठहराव को आगे जारी रखने या स्थायी रूप देने पर विचार किया जा सकता है।
यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी
मां तारा एक्सप्रेस के बैरकपुर ठहराव को लेकर यात्रियों को यात्रा से पहले पूर्व रेलवे की आधिकारिक सूचना और अपडेटेड रेलवे टाइम-टेबल जरूर देखना चाहिए, क्योंकि प्रायोगिक ठहराव के दौरान समय में बदलाव संभव है। बैरकपुर में ठहराव शुरू होने के बाद तारापीठ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सियालदह तक अतिरिक्त यात्रा करने की जरूरत कम होगी और सीधे अपने क्षेत्र से मां तारा एक्सप्रेस पकड़ने का विकल्प उपलब्ध होगा।