अलीपुरद्वार: विश्व गैंडा दिवस के मौके पर मंगलवार को उत्तर बंगाल के दौरे पर पहुंचे पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी की और हॉलोंग पिलखाने में दो हाथी शावकों का नामकरण किया। एक शावक का नाम ‘चैतन्य’ और दूसरे का नाम ‘सुलक्षणा’ रखा गया। खबरों के अनुसार, अधिकारियों से चर्चा और शावकों के माता-पिता के नामों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए इन नामों का चयन किया गया। नामकरण के पीछे की वजह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग की परंपरा और वन अधिकारियों की सलाह के अनुसार नाम चुने गए हैं। उन्होंने पत्रकारों से हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी पूछा कि क्या इन नामों में उन्हें कोई और अर्थ नजर आ रहा है।
जलदापाड़ा में वन्यजीव संरक्षण पर जोर
विश्व गैंडा दिवस के कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने गैंडे के सींग समेत जब्त किए गए वन्यजीव अंगों को नष्ट करने की कार्रवाई में भी हिस्सा लिया। खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव अपराधों को लेकर सख्त रुख अपना रही है। उन्होंने वन्यजीवों को शिकारियों से बचाने के साथ-साथ उनके लिए पर्याप्त भोजन और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
बक्सा टाइगर रिजर्व में जल्द छोड़ा जाएगा रॉयल बंगाल टाइगर
उत्तर बंगाल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बक्सा टाइगर रिजर्व में रॉयल बंगाल टाइगर के पुनर्वास की भी जानकारी दी। उनके अनुसार, बक्सा में जल्द ही एक बाघ छोड़े जाने की योजना है और इसके लिए 2 अक्टूबर के आसपास कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इस कदम को बक्सा में बाघों की आबादी को फिर से बढ़ाने और क्षेत्र को वन्यजीव पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की योजना से जोड़ा गया है।
हॉलोंग बंगला और उत्तर बंगाल के पर्यटन पर फोकस
जलदापाड़ा के अलावा उत्तर बंगाल दौरे में पर्यटन और बुनियादी ढांचे को लेकर भी कई घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने उत्तर बंगाल के पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्र को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। जंगल सफारी और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ जलदापाड़ा, अलीपुरद्वार और डुआर्स क्षेत्र में पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है। खबरों के मुताबिक, ऐतिहासिक हॉलोंग वन बंगले के पुनर्निर्माण का काम भी तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
चाय श्रमिकों के लिए 20 फीसदी बोनस
उत्तर बंगाल दौरे में चाय बागान श्रमिकों से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चाय श्रमिकों को 20 प्रतिशत पूजा बोनस देने की बात कही है। खबरों के मुताबिक, डुआर्स के कुछ चाय बागानों में बोनस की राशि श्रमिकों के खातों में पहुंचना भी शुरू हो गया है। इसके अलावा चाय बागान क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों के घरों के स्वामित्व अधिकार से जुड़े कदम उठाने की बात भी सामने आई है।
चाय श्रमिकों के लिए केंद्र से 313 करोड़ रुपये की मंजूरी
चाय श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़ी एक अन्य बड़ी घोषणा में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र ने उत्तर बंगाल के चाय श्रमिकों के लिए करीब 313 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि प्रधानमंत्री चा श्रमिक प्रोत्साहन योजना के तहत स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई है। खबरों के अनुसार, इस राशि का इस्तेमाल चाय बहुल इलाकों में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है। हालांकि, राशि के मदवार इस्तेमाल का विस्तृत खाका मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है।
उत्तर बंगाल के बुनियादी ढांचे पर भी जोर
उत्तर बंगाल दौरे के दौरान जलपाईगुड़ी में मुख्यमंत्री ने मूर्ति नदी पर करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने पुल का उद्घाटन किया। करीब 126 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस पुल से नागराकाटा और जलपाईगुड़ी के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में अन्य पुलों और सड़क संपर्क से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाने की बात कही। उत्तर बंगाल में पर्यटन, चाय उद्योग और बुनियादी ढांचे को विकास की प्रमुख प्राथमिकताओं के तौर पर पेश किया गया है।
अलीपुरद्वार में जिला अदालत और मेडिकल कॉलेज की योजना
अलीपुरद्वार में जिला अदालत से जुड़े बुनियादी ढांचे को लेकर भी काम आगे बढ़ाने की बात कही गई है। इसके बाद प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन और अन्य प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। वहीं, कालिम्पोंग और बालुरघाट में मेडिकल कॉलेज से जुड़े प्रस्तावों पर भी काम चलने की जानकारी दी गई है। उत्तर बंगाल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को क्षेत्रीय विकास योजनाओं का हिस्सा बताया गया है।