जापान: भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया में आयोजित फाइनल में मीराबाई ने कुल 198 किग्रा वजन उठाया। उन्होंने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह एशियाई खेलों में मीराबाई का पहला पदक है। मीराबाई के इस पदक के साथ एशियाई खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में भारत का 28 साल का पदक इंतजार भी खत्म हो गया। इससे पहले 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था।
स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा उठाया
मीराबाई ने स्नैच में 83 किग्रा के सफल प्रयास के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने 85 किग्रा और 87 किग्रा के प्रयास भी सफलतापूर्वक पूरे किए। स्नैच के बाद वह पदक की दौड़ में बनी हुई थीं। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 107 किग्रा का पहला सफल प्रयास किया और इसके बाद 111 किग्रा उठाकर अपना कुल स्कोर 198 किग्रा तक पहुंचाया। इसी प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाया। उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने 215 किग्रा के कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंडोनेशिया की लुलुक डायना त्रि विजयाना ने 191 किग्रा के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
हांग्जो की निराशा के बाद एशियाई खेलों में पहला पदक
मीराबाई के लिए यह पदक खास इसलिए भी है क्योंकि 2023 के हांग्जो एशियाई खेलों में वह पदक से चूक गई थीं। क्लीन एंड जर्क के दौरान चोट के कारण वह अपना अंतिम प्रयास पूरा नहीं कर पाई थीं और चौथे स्थान पर रही थीं। इससे पहले 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में मीराबाई नौवें स्थान पर रही थीं, जबकि 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं। नागोया में रजत के साथ उन्होंने एशियाई खेलों के पोडियम पर पहली बार जगह बनाई।
मीराबाई के मेडल कैबिनेट में जुड़ा एशियाई खेलों का पदक
इस रजत के साथ मीराबाई चानू के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पदकों के संग्रह में एशियाई खेलों का पदक भी शामिल हो गया। उनके नाम ओलंपिक रजत, विश्व चैंपियनशिप के पदक, राष्ट्रमंडल खेलों के पदक और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की उपलब्धियां पहले से दर्ज हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में उन्होंने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। 2017 में वह विश्व चैंपियन बनी थीं और विश्व चैंपियनशिप में भी उनके नाम कई पदक हैं। राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने कई स्वर्ण पदक जीते हैं। इस एशियाई खेल पदक के बाद वह उन चुनिंदा भारतीय भारोत्तोलकों में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और अन्य प्रमुख महाद्वीपीय एवं राष्ट्रमंडल प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
मीराबाई की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर उनकी उपलब्धि को भारत के लिए गर्व का क्षण बताया और उनकी निरंतरता व मेहनत की सराहना की। मीराबाई का रजत एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए भारोत्तोलन में लंबे अंतराल के बाद आया पदक है और उनके व्यक्तिगत करियर में भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।