उज्जैन, मध्य प्रदेश | उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षाकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ विवाद की कुछ घटनाओं और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद अब करीब 800 सुरक्षाकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण में केवल सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सॉफ्ट स्किल, श्रद्धालुओं से मधुर व्यवहार, भीड़ प्रबंधन और कतार व्यवस्था जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सकारात्मक दर्शन अनुभव उपलब्ध कराना है।
800 सुरक्षाकर्मियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
मंदिर समिति के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों के लिए यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्राम लेकोडा स्थित अवंतिका यूनिवर्सिटी में आयोजित किया जाएगा। यह पहल कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह तथा प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के निर्देश पर की जा रही है।
श्रद्धालुओं से व्यवहार पर विशेष जोर
प्रशिक्षण में सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ संयमित, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार करने की जानकारी दी जाएगी। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि भीड़ के बीच किसी स्थिति को बिना विवाद बढ़ाए किस तरह संभाला जाए और श्रद्धालुओं की समस्याओं को शांतिपूर्वक कैसे सुना जाए।
भीड़ और कतार प्रबंधन की मिलेगी ट्रेनिंग
महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मियों को भीड़ प्रबंधन और कतार व्यवस्था से जुड़ी व्यावहारिक तकनीकें भी सिखाई जाएंगी। इसके साथ ही दर्शन व्यवस्था से संबंधित जरूरी जानकारी श्रद्धालुओं तक सहज और स्पष्ट तरीके से पहुंचाने के लिए भी सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
अवंतिका यूनिवर्सिटी में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम अवंतिका यूनिवर्सिटी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के उपकुलपति नितिन राणा और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ. प्रोफेसर अजीत उपाध्याय के मार्गदर्शन में सुरक्षाकर्मियों को सॉफ्ट स्किल और प्रभावी संवाद की ट्रेनिंग दी जाएगी। मंदिर समिति का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के साथ बेहतर संवाद और व्यवहार सुनिश्चित करना है।