कोलकाता: चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच फैसलों को लेकर सामने आए आंतरिक विवाद के बाद राजनीति गरमा गई है। इस खुलासे पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता ममता बनर्जी ने बुधवार को फेसबुक वीडियो संदेश जारी कर कड़ा रुख अपनाया है। ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आयोग की मदद से वोट लूटे गए, इसलिए उन चुनावों को रद्द कर पुरानी मतदाता सूची के आधार पर फिर से मतदान कराया जाना चाहिए।
"बीजेपी के लिए काम कर रहा है आयोग, SIR का मतलब- स्पेशल इंसेंटिव फॉर रूलिंग पार्टी"
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का एकमात्र उद्देश्य भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाना रह गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने सबसे पहले आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग को लेकर पत्र भी लिखा था। आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने इसका नया अर्थ निकाला और इसे "स्पेशल इंसेंटिव फॉर रूलिंग पार्टी" (Special Incentive for Ruling Party) करार दिया। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव से लेकर 2025 और 2026 के चुनावों में बीजेपी की जीत चुनाव आयोग के कथित हेरफेर के कारण ही संभव हुई है।
"ईवीएम और एआई के जरिए नाम काटे गए, सीमा खन्ना की भूमिका की हो जांच"
चुनाव आयोग के आईटी विंग की डीआईजी सीमा खन्ना का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एआई (Artificial Intelligence) और दोषपूर्ण सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर मतदाता सूची से 58 लाख से अधिक वैध मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने पहले ही सीमा खन्ना की भूमिका को उजागर किया था। ममता ने दावा किया कि काउंटिंग की प्रक्रिया को हाईजैक किया गया था और सीमा खन्ना समेत इस साजिश के पीछे शामिल सभी लोगों की जांच कर उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
"हमारा चुनाव चिह्न छीना, मुझे नजरबंद जैसा रखा गया"
हाल ही में चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद तृणमूल कांग्रेस के प्रतीक चिन्ह को लेकर हुई कार्रवाई पर दुख जताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि विरोध जताने के कारण पार्टी का चुनाव चिन्ह छीन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव बाद उनके साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा है, उन्हें रैलियां करने से रोका जा रहा है और एक तरह से गृहबंदी की स्थिति में रखा गया है, जहां हर बैठक के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ रही है।
INDIA गठबंधन और क्षेत्रीय दलों से एकजुट होकर जन आंदोलन की अपील
ममता बनर्जी ने विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन और सभी क्षेत्रीय राजनीतिक दलों से एक साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और देशवासियों के वोटिंग अधिकार को बचाने के लिए एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करना होगा, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार नहीं किया गया तो राज्य के युवा, महिलाएं और आम जनता सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
बीजेपी का पलटवार: "भ्रष्टाचार के कारण हारी टीएमसी, जनता ने नकारा"
ममता बनर्जी के इन गंभीर आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी हार और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने तृणमूल के नेताओं के भ्रष्टाचार से तंग आकर उन्हें सत्ता से बाहर किया है और कानून के मुताबिक सभी भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।