विदिशा | खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विदिशा स्थित श्याम डेयरी इंडस्ट्री पर छापामार कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में संदिग्ध और अमानक खाद्य सामग्री जब्त की है। निरीक्षण के दौरान परिसर में खाद्य पदार्थों का निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में होता मिला। इसके बाद प्रशासन ने फैक्ट्री को सील कर दिया और उसका FSSAI लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह डेयरी भाजपा के एक पूर्व पार्षद की बताई जा रही है। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में सामने आए खाद्य मानकों और लाइसेंस संबंधी उल्लंघनों के आधार पर आगे की जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
750 किलो संदिग्ध घी और वेज फैट जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान करीब 750 किलोग्राम संदिग्ध घी और वेज फैट जब्त किया। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त और सील की गई खाद्य सामग्री की कुल कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये आंकी गई है। जांच के दौरान डेयरी परिसर में बिना वैध लाइसेंस के मल्टीपर्पज वेज फैट के निर्माण की बात सामने आई। इसके अलावा खाद्य सामग्री तैयार करने वाली जगह पर गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां भी पाई गईं।
खुली खाद्य रंग की बोतलें भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान टीम को मौके पर खुले खाद्य रंग (Food Color) की बोतलें भी मिलीं। खाद्य पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उत्पादन प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों ने मौके से सैंपल लिए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने उत्पादन स्थल की स्थिति और वहां मौजूद सामग्री को देखते हुए आगे की कार्रवाई के लिए जरूरी रिकॉर्ड और खाद्य पदार्थों को जांच के दायरे में लिया है।
घी और वेज फैट के 6 सैंपल जांच के लिए भेजे
अधिकारियों ने घी और वेज फैट के 6 नमूने लिए हैं। इन सैंपल को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब इनकी रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि जब्त खाद्य सामग्री निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
फैक्ट्री सील, खाद्य उत्पादन पर रोक
कार्रवाई के बाद प्रशासन ने श्याम डेयरी इंडस्ट्री को सील कर दिया है। साथ ही FSSAI लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। अग्रिम आदेश जारी होने तक फैक्ट्री में किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब फैक्ट्री में दोबारा उत्पादन शुरू करने के लिए संबंधित विभाग की अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।