सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लोगों को दूसरों का बुरा न करने और बदले की भावना छोड़ने की नसीहत दी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों का बुरा करने या बदला लेने की भावना रखते हैं, उन्हें यह भाव छोड़ देना चाहिए, वरना “अगले जन्म में नाग बनोगे।” मंत्री का यह बयान कार्यक्रम में चर्चा का विषय रहा।
‘जिंदगी में किसी का बुरा नहीं करना चाहिए’
सीहोर के ढाबला केलवाड़ी गांव में बिजली उपकेंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान करण सिंह वर्मा ने मंच से लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में किसी का बुरा नहीं करना चाहिए और हमेशा अच्छे काम करने चाहिए। मंत्री ने लोगों को बदला लेने की भावना से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि दूसरों का बुरा करने की सोच इंसान को गलत रास्ते पर ले जाती है। इसी दौरान उन्होंने पौराणिक मान्यताओं का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसी भावना रखने वालों का अगला जन्म नाग के रूप में हो सकता है।
पौराणिक प्रसंगों का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में करण सिंह वर्मा ने बुराई, अच्छे कर्म और सदमार्ग से जुड़े पौराणिक प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जनहित के काम करने चाहिए और जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। मंत्री का यह अंदाज कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हाल के दिनों में भी सीहोर जिले के सरकारी कार्यक्रमों में करण सिंह वर्मा के मंच से दिए गए बेबाक बयानों की स्थानीय स्तर पर चर्चा हुई है।
2.32 करोड़ की लागत से बना बिजली उपकेंद्र
कार्यक्रम के दौरान करण सिंह वर्मा ने सीहोर जिले के ढाबला केलवाड़ी गांव में 2 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी बिजली उपकेंद्र का लोकार्पण किया। यह उपकेंद्र बिलकिसगंज वितरण केंद्र के अंतर्गत शुरू किया गया है। यहां से तीन 11 केवी फीडर शुरू किए गए हैं। इनमें एक घरेलू और दो कृषि पंप फीडर शामिल हैं। नए उपकेंद्र से ढाबला केलवाड़ी, रामाखेड़ी, हीरापुर, पीपलनेर, किशनपुरा, नापली, चैनपुरा और सिकंदरगंज सहित आठ गांवों में बिजली आपूर्ति बेहतर होने की बात कही गई है।
किसानों को भी मिलेगा फायदा
दो अलग कृषि पंप फीडरों के जरिए किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर वोल्टेज में बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे लो-वोल्टेज के कारण कृषि पंपों में आने वाली दिक्कतों को कम करने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।