भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, जुलाई के अंतिम दो दिनों और अगस्त के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। सावन के महीने में मानसून की सक्रियता बढ़ने से किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों के दौरान कई जिलों में 8 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी जारी रहेगा।
डीप डिप्रेशन के कारण बदला मौसम का मिजाज
बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन पश्चिम और उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मध्यप्रदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में व्यापक बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका असर अगले पांच दिनों तक देखने को मिल सकता है।मंगलवार को प्रदेश के दक्षिणी, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के साथ अधिकांश जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में बिजली गिरने और आंधी की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान
29 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, हरदा, धार, देवास, बुरहानपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बैतूल और पांढुर्णा सहित कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, सागर, जबलपुर, दमोह, सतना, रीवा, शहडोल, उमरिया, कटनी, मंडला, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
किसानों के लिए राहत, प्रशासन अलर्ट पर
लगातार बारिश से खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए सतर्क हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थानीय प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। तेज बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों पर जाने से बचें तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट एवं एडवाइजरी का पालन करें। आने वाले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।