नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा 2026 के पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धा और आस्था का माहौल है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा समेत कई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संदेश दिया। साथ ही लोगों से गुरु के बताए आदर्शों, संस्कारों और मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
योगी आदित्यनाथ बोले- गुरु का स्थान सर्वोपरि
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि गुरु अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान, संस्कार और सदाचार का प्रकाश फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और गुरु की कृपा से ही शिष्य को धर्म, विवेक और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलती है।
नायब सिंह सैनी ने बताया गुरु का महत्व
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने लोगों से गुरुजनों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके बताए मूल्यों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने की अपील की।
भजनलाल शर्मा ने कहा- गुरु व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गुरु व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों का संचार करते हैं। उन्होंने सभी गुरुजनों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।
पुष्कर सिंह धामी ने गुरु को बताया जीवन का मार्गदर्शक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन को उद्देश्य, दिशा और संस्कार प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने सभी से गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आह्वान किया।
रेखा गुप्ता ने ऋषि परंपरा को किया नमन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति की धुरी हैं। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और आत्मबोध का आधार हैं। उन्होंने गुरुजनों और ऋषि परंपरा को नमन करते हुए राष्ट्रसेवा के संकल्प को और मजबूत करने की कामना की।
मोहन यादव ने कबीर का दोहा साझा किया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा पर संत कबीर का प्रसिद्ध दोहा—
"गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय..."
साझा करते हुए कहा कि गुरु जीवन को सार्थक बनाने वाले साक्षात ईश्वर के समान हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भी की।
सम्राट चौधरी और हिमंता बिस्वा सरमा का संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गुरु ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्ग के प्रकाशस्तंभ हैं। उन्होंने सभी से गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की अपील की। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ता है। उन्होंने सभी गुरुजनों को सादर नमन किया।
केशव प्रसाद मौर्य ने महर्षि वेदव्यास को किया नमन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि वेदव्यास जयंती का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने वेदों के संकलन और महाभारत की रचना के माध्यम से भारतीय संस्कृति को अमूल्य धरोहर दी। उन्होंने लोगों से गुरुजनों के आदर्शों और शिक्षाओं पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
गुरु पूर्णिमा का महत्व क्या है?
गुरु पूर्णिमा हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर शिष्य अपने गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट करते हैं।