अहमदाबाद: गुजरात में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 150 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनकी जांच गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (GBRC) में की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 26 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 10 मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें उपचार के लिए गुजरात आए राजस्थान के 3 मरीज भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों, खासकर छोटे बच्चों के अभिभावकों से सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
150 संदिग्ध मामलों की जांच जारी, 26 की पुष्टि
राज्य स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त निदेशक नीलम पटेल ने बताया कि अब तक मिले 150 संदिग्ध मामलों के सैंपलों की जांच GBRC में की जा रही है।
अब तक की स्थिति इस प्रकार है—
- 150 संदिग्ध मामले
- 26 संक्रमित मरीजों की पुष्टि
- 3 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज
- 10 मरीजों की मौत
- 9 सैंपलों की रिपोर्ट अभी लंबित
- स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चांदीपुरा वायरस कैसे फैलता है?
विशेषज्ञों के अनुसार चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई (रेतीली मक्खी) के काटने से फैलता है। कुछ अध्ययनों में मच्छरों और टिक्स (Ticks) को भी संभावित वाहक माना गया है। मानसून के दौरान नमी और जलभराव के कारण इन कीटों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है। राहत की बात यह है कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। यानी खांसी, छींक, हाथ मिलाने या सामान्य संपर्क से संक्रमण नहीं होता।
बच्चों में ज्यादा खतरा, तेजी से बिगड़ सकती है हालत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह वायरस विशेष रूप से बच्चों के लिए अधिक खतरनाक माना जाता है। संक्रमण के बाद कई मामलों में 24 घंटे के भीतर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चांदीपुरा वायरस के प्रमुख लक्षण
संक्रमण होने पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई दे सकते हैं—
- अचानक तेज बुखार आना
- लगातार सिरदर्द
- बार-बार उल्टी होना
- शरीर में कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द
- दौरे (Seizures) पड़ना
- बेहोशी या मानसिक भ्रम
- बच्चों में अत्यधिक सुस्ती या प्रतिक्रिया कम होना
- यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि—
- बच्चों को मच्छरों और सैंड फ्लाई के काटने से बचाएं।
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
- जलभराव न होने दें।
- बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं।
- तेज बुखार या न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के इलाज में देरी न करें।
क्या है चांदीपुरा वायरस?
चांदीपुरा वायरस एक वायरल संक्रमण है, जो मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है और गंभीर मामलों में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। यह संक्रमण भारत के कुछ राज्यों में समय-समय पर सामने आता रहा है और मानसून के मौसम में इसका जोखिम बढ़ जाता है।
Highlights
- गुजरात में चांदीपुरा वायरस के 150 संदिग्ध मामले सामने आए।
- अब तक 26 मामलों की पुष्टि और 10 मरीजों की मौत।
- 3 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज।
- 9 सैंपलों की रिपोर्ट अभी आना बाकी।
- वायरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई के काटने से फैलता है।
- छोटे बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक, लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह।