सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में बढ़ती गर्मी और पेयजल संकट को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए और प्रतिदिन इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
पानी से जुड़े कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम और अन्य संबंधित विभागों में पेयजल व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। केवल अत्यंत जरूरी परिस्थितियों में ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी।
मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक
मुख्यमंत्री के निर्देश पर Anurag Jain ने कलेक्टरों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों में सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाने और अधिकारियों की समिति गठित कर रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए।
टैंकर व्यवस्था में गड़बड़ी पर सख्ती
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, वहां किसी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए। टैंकरों के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
बिजली कनेक्शन नहीं काटने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि किसी भी नल-जल योजना का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाए। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बोरवेल और जल स्रोतों के विकास के लिए 1500 करोड़ रुपए जारी किए हैं, जबकि पंचायतों को रखरखाव कार्यों के लिए 55 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं।
शिकायतों का तुरंत समाधान करने पर जोर
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि कलेक्टर खुद कंट्रोल रूम की निगरानी करें और सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी तथा जनप्रतिनिधियों से मिलने वाली शिकायतों का कम समय में समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर संवाद बनाए रखने और पानी की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए।
पेयजल व्यवस्था के लिए विशेष प्लान तैयार
राज्य सरकार ने आगामी एक महीने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने और रोजाना सख्ती से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर बसाहट तक टैंकरों के जरिए पानी पहुंचे।
गंगा दशहरा कार्यक्रमों से जोड़ेंगे जल संरक्षण अभियान
बैठक में बताया गया कि 25 और 26 मई को प्रदेशभर में गंगा दशहरा के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं उज्जैन में क्षिप्रा तट पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन आयोजनों को जल संरक्षण और पेयजल जागरूकता से जोड़कर जनभागीदारी बढ़ाई जाए।