कोलकाता - पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए टीएमसी प्रमुख ने कहा कि, उनकी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को जानबूझकर कमजोर करने और मिटाने की कोशिश की जा रही है।
कल्याणी एक्सप्रेस सेतु का किया जिक्र
टीएमसी की सुप्रीम लीडर ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान बनाए गए कल्याणी एक्सप्रेस सेतु का उल्लेख करते हुए कहा कि, उस परियोजना के दौरान 43 परिवार प्रभावित हुए थे। उनकी सरकार ने उन सभी प्रभावित परिवारों के लिए नए घर बनवाए थे। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि अब उन्हीं कामों को निशाना बनाकर तोड़फोड़ और राजनीतिक बदले की कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली में सत्ता बदलेगी तो मिलेगा जवाब
टीएमसी सुप्रीमो ममता ने अपने संबोधन में कहा कि वे उस दिन का इंतजार कर रही हैं जब दिल्ली में सत्ता परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि उस समय जनता और लोकतंत्र के खिलाफ हो रही कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। पूर्व सीएम ने दावा किया कि उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।
न्यायपालिका से की अपील
अपने भाषण में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने न्यायपालिका का भी जिक्र किया। ममता ने कहा कि अदालतें संविधान और कानून की सबसे बड़ी रक्षक हैं और उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह “राज्य आतंकवाद” के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी।
संविधान बनाम बंदूक की ताकत
ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के अंत में कहा, “मैं देखूंगी कि किसके पास ज्यादा ताकत है – संविधान के पास या बंदूक की नोक के पास।” उनके इस बयान को केंद्र और राज्य की मौजूदा राजनीतिक टकराव के संदर्भ में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बढ़ते तनाव और लगातार जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच ममता बनर्जी का यह बयान आने वाले दिनों में सियासी बहस को और तेज कर सकता है।