नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। दिल्ली में कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग की रणनीतिक बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि “मोदी जी एक साल में जाने वाले हैं।” राहुल गांधी ने दावा किया कि महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों पर केंद्र सरकार पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे क्षेत्रीय दलों को लेकर भी बड़ा बयान दिया और कहा कि अगर कांग्रेस ने 80 और 90 के दशक में दलित समाज पर ज्यादा ध्यान दिया होता, तो आज ये क्षेत्रीय दल इतने मजबूत नहीं होते।
कांग्रेस की रणनीतिक बैठक में शामिल हुए राहुल गांधी
दिल्ली में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की अहम रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक को विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने बुलाया था। बैठक में देशभर के कई राज्यों से जिला अध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने बैठक में कांग्रेस संगठन को दलित समुदाय के बीच और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी को सामाजिक न्याय और भागीदारी के मुद्दों पर ज्यादा गंभीरता से काम करना होगा।
क्षेत्रीय दलों को लेकर दिया बड़ा बयान
राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि अगर कांग्रेस ने 1980 और 1990 के दशक में अनुसूचित जाति समुदाय को मजबूती से प्राथमिकता दी होती, तो समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे क्षेत्रीय दल राजनीतिक रूप से इतने मजबूत नहीं बन पाते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कमजोर रणनीति का फायदा क्षेत्रीय दलों को मिला और दलित राजनीति का बड़ा हिस्सा उनसे दूर चला गया।
PM मोदी पर आर्थिक मुद्दों को लेकर हमला
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आर्थिक मुद्दों को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अमेरिका के साथ ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह घिर चुकी है। राहुल गांधी ने दावा किया कि जनता अब सरकार की नीतियों को समझ चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी “एक्सपोज” हो चुके हैं।
दलित भागीदारी बढ़ाने पर कांग्रेस का फोकस
बैठक में कांग्रेस ने संगठन और सरकारों में अनुसूचित जाति समुदाय की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा की। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां दलित समुदाय को संगठन और सत्ता दोनों स्तरों पर ज्यादा प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया गया। पार्टी नेताओं ने माना कि आने वाले चुनावों में सामाजिक न्याय और दलित मुद्दे अहम भूमिका निभाएंगे।
देशभर के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
इस बैठक में दक्षिण भारत समेत कई राज्यों के करीब 380 जिला अध्यक्ष और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य दलित समाज के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत करना और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाना था। पार्टी नेतृत्व ने आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की।