BSE Sensex और निफ्टी 50 ने मंगलवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सपाट और दबाव भरी शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 264.82 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 76,224.14 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 27.60 अंक यानी 0.11 प्रतिशत कमजोर होकर 24,004.10 के स्तर पर पहुंच गया।
ऑयल एंड गैस शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
शुरुआती कारोबार में बाजार पर सबसे अधिक दबाव ऑयल एंड गैस सेक्टर से देखने को मिला। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स टॉप लूजर रहा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इन्फ्रा, प्राइवेट बैंक, ऑटो, सर्विसेज, कंजम्प्शन, रियल्टी, मेटल और फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि कुछ सेक्टर्स में खरीदारी भी देखने को मिली। निफ्टी मीडिया, इंडिया डिफेंस, पीएसयू बैंक और आईटी इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती
लार्जकैप शेयरों में कमजोरी के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का माहौल बना रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 81.35 अंक की बढ़त के साथ 62,047.95 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 101 अंक चढ़कर 18,303 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
इन शेयरों में रही तेजी और गिरावट
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, बीईएल, एसबीआई, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, मारुति सुजुकी और टाटा स्टील गेनर्स थे। इंडिगो, भारती एयरटेल, सन फार्मा, टाइटन, ट्रेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, एमएंडएम, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, एलएंडटी और आईटीसी लूजर्स थे।
एशियाई बाजारों में भी दिखी कमजोरी
एशियाई बाजारों में भी मंगलवार को मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और मनीला के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग और सोल के बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिकी शेयर बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में दबाव की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। खबरों के अनुसार अमेरिका ने हॉर्मुज स्ट्रेट के पास माइन्स बिछा रही छोटी नौकाओं को निशाना बनाया है। हालांकि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता जारी है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। Brent Crude 1.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI Crude 1.48 प्रतिशत मजबूत होकर 91.65 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।