भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बच्चों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल तैयार करेगा और व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएगा।
महिलाओं और बच्चों के लिए तैयार होंगे डिजिटल सेफ्टी मॉड्यूल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की आधी से अधिक आबादी यानी महिलाओं और बच्चों को इंटरनेट सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग विशेष मॉड्यूल विकसित कर रहा है। इन मॉड्यूल्स के जरिए साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव और डिजिटल जागरूकता की जानकारी दी जाएगी।
Google और अहान फाउंडेशन के साथ होगा सहयोग
महिला एवं बाल विकास विभाग इंटरनेट को महिलाओं और बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाने के उद्देश्य से गूगल और अहान फाउंडेशन के सहयोग से कार्य करेगा। इस पहल के तहत कुपोषण निवारण, साइबर सेफ्टी और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए भी विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगा जागरूकता अभियान
सरकार ग्रामीण स्तर पर माताओं और बहनों को ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत महिलाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और डिजिटल लेनदेन से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
सिंहस्थ 2028 के लिए AI आधारित तंत्र विकसित होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए खोए हुए बच्चों को तेजी से खोजकर उनके परिवारों से मिलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम विकसित किया जाएगा। इससे बड़े आयोजनों के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
डीपफेक और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए होंगी कार्यशालाएं
सरकार महिलाओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एआई के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े अपराधों, जैसे डीपफेक, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर उत्पीड़न से बचाने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करेगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जाएंगे।