महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद देश की जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। केजरीवाल ने मांग की कि सरकार पेट्रोल की कीमत तुरंत ₹82 प्रति लीटर करे, जबकि E20 पेट्रोल की कीमत करीब ₹70 प्रति लीटर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पिछले वर्ष करीब ₹77,000 करोड़ का मुनाफा हुआ, लेकिन इसका फायदा आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा। केजरीवाल का कहना है कि यदि सरकार ईंधन की कीमतों में कटौती करती है तो महंगाई पर भी बड़ा असर पड़ेगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।
केंद्र सरकार से पेट्रोल सस्ता करने की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले कई वर्षों से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, लेकिन भारत में उपभोक्ताओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कच्चा तेल सस्ता है तो देश में पेट्रोल अब भी ₹100 से अधिक प्रति लीटर क्यों बिक रहा है। उनका कहना था कि सरकार को तेल कंपनियों के मुनाफे के बजाय आम जनता की राहत को प्राथमिकता देनी चाहिए।
₹82 प्रति लीटर का आंकड़ा कैसे निकाला?
केजरीवाल ने दावा किया कि मौजूदा वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल है। उनके अनुसार, इसे भारतीय मुद्रा में परिवर्तित करने पर कच्चे तेल की लागत लगभग ₹42 प्रति लीटर बैठती है। उन्होंने कहा कि इसमें-
रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट खर्च
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) का मार्जिन
केंद्रीय उत्पाद शुल्क
औसत राज्य VAT
डीलर कमीशन
जोड़ने के बाद भी सामान्य पेट्रोल की कीमत लगभग ₹82 प्रति लीटर होनी चाहिए।
E20 पेट्रोल को लेकर भी उठाया सवाल
अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल की कीमतों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित है, तो इसकी कीमत और कम होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल की कीमत करीब ₹70 प्रति लीटर हो सकती है, जबकि फिलहाल उपभोक्ताओं को इसके लिए भी लगभग ₹102 प्रति लीटर तक भुगतान करना पड़ रहा है।
₹77,000 करोड़ मुनाफे का किया दावा
AAP प्रमुख ने कहा कि उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पिछले वर्ष लगभग ₹77,000 करोड़ का लाभ हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता, तो पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती थी। हालांकि, इस दावे पर केंद्र सरकार या तेल कंपनियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
महंगाई पर पड़ेगा सीधा असर
केजरीवाल का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि इनका असर परिवहन लागत के जरिए लगभग हर वस्तु की कीमत पर पड़ता है। यदि ईंधन सस्ता होगा तो-
माल ढुलाई की लागत घटेगी।
फल-सब्जियों और जरूरी सामान की कीमतों पर दबाव कम होगा।
सार्वजनिक परिवहन की लागत में राहत मिल सकती है।
आम लोगों की मासिक खर्च में कमी आएगी।
पेट्रोल की कीमत किन कारकों से तय होती है?
भारत में पेट्रोल की खुदरा कीमत कई घटकों पर निर्भर करती है-
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत।
डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर।
रिफाइनिंग और परिवहन लागत।
केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया उत्पाद शुल्क।
राज्य सरकारों का VAT।
डीलर कमीशन।
इन्हीं सभी कारकों के आधार पर अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल की कीमतें अलग होती हैं।
क्या तुरंत सस्ता हो सकता है पेट्रोल?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कच्चे तेल की कीमत कम होने से पेट्रोल की खुदरा कीमत स्वतः नहीं घटती। टैक्स संरचना, विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और सरकारी नीतियां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में पेट्रोल की कीमत कम करने का फैसला केंद्र और राज्य सरकारों की कर नीति पर भी निर्भर करता है।
अब सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर
अरविंद केजरीवाल के इस बयान के बाद अब निगाहें केंद्र सरकार और तेल कंपनियों की प्रतिक्रिया पर हैं। यदि सरकार ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव करती है, तो इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं और महंगाई दोनों पर पड़ सकता है। फिलहाल पेट्रोल की कीमत घटाने को लेकर सरकार की ओर से कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
FAQs
1. अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल की कितनी कीमत करने की मांग की है?
उन्होंने सामान्य पेट्रोल की कीमत ₹82 प्रति लीटर करने की मांग की है।
2. E20 पेट्रोल को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि E20 पेट्रोल की कीमत लगभग ₹70 प्रति लीटर होनी चाहिए।
3. ₹77,000 करोड़ का दावा किस बारे में है?
केजरीवाल ने दावा किया कि पिछले वर्ष सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को करीब ₹77,000 करोड़ का मुनाफा हुआ।
4. क्या सरकार ने इस मांग पर प्रतिक्रिया दी है?
समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
5. पेट्रोल-डीजल सस्ता होने से क्या फायदा होगा?
परिवहन लागत कम होगी, जिससे महंगाई पर असर पड़ सकता है और आम लोगों को राहत मिल सकती है।