दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार सुबह हुई भारी बारिश ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि प्रशासन का दावा है कि नालों की सफाई और डिसिल्टिंग के चलते बड़े स्तर पर जलभराव को रोका गया है।
दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश, कई इलाके जलमग्न
दिल्ली में 228.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया। भारी बारिश से नोएडा और गाजियाबाद के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूब गईं। गीता कॉलोनी, नोएडा सेक्टर-115 और गाजियाबाद के शास्त्रीनगर सहित कई इलाकों में लोगों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा और वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
दिल्ली सरकार ने हालात से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। PWD, दिल्ली जल बोर्ड और MCD की टीमें जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं, जबकि पंपिंग सिस्टम के जरिए पानी निकाला जा रहा है।
मुख्य अंडरपास खुले, ट्रैफिक रहा सामान्य
प्रशासन के मुताबिक, पहले से कराई गई डिसिल्टिंग और मुख्य नालों की सफाई का असर देखने को मिला। NHPC चौक जैसे प्रमुख अंडरपास खुले रहे और कई मुख्य मार्गों पर यातायात सामान्य बना रहा। हालांकि कुछ स्थानीय इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
IMD ने जारी किया बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के सभी जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने 6 से 10 जुलाई तक बारिश जारी रहने और 7 से 9 जुलाई तथा 11 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी दी है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
बारिश से जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं जनजीवन और यातायात पर इसका असर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले मार्गों से बचने, मौसम संबंधी सलाह का पालन करने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।