नई दिल्ली: भारतीय रसोई में अदरक का इस्तेमाल सिर्फ चाय का स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अपने तीखे स्वाद, खुशबू और पोषक तत्वों से भरपूर अदरक लंबे समय से पारंपरिक खानपान का अहम हिस्सा रहा है। इसमें विटामिन C, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस, एंटीऑक्सीडेंट और जिंजरोल जैसे बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने, शरीर की सूजन कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और मतली जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं।
इन 5 हेल्दी रेसिपीज़ में करें अदरक का इस्तेमाल
अदरक वाली दाल:
मूंग या मसूर की दाल में जीरा, लहसुन और कद्दूकस किए हुए अदरक का तड़का लगाकर स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाए जा सकते हैं। यह दाल पाचन के लिए भी लाभकारी मानी जाती है।
जिंजर राइस:
पके हुए चावल में अदरक, करी पत्ता, राई, हरी मिर्च और मूंगफली का तड़का लगाकर तैयार किया गया जिंजर राइस स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प है।
अदरक की चटनी:
ताजा अदरक, हरी मिर्च, इमली, गुड़ और नमक से बनी चटनी भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ पाचन में भी मदद कर सकती है।
जिंजर सूप:
अदरक, लहसुन और ताजी सब्जियों से तैयार सूप शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराता है।
अदरक का अचार:
नींबू, नमक, हल्दी और हरी मिर्च के साथ तैयार अदरक का अचार खाने में अलग स्वाद जोड़ता है और पारंपरिक रूप से इसे पाचन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।
इन चीजों के साथ बढ़ाएं अदरक का पोषण
अदरक को नींबू, शहद, हल्दी, लहसुन और काली मिर्च के साथ मिलाकर खाने से स्वाद के साथ पोषण भी बढ़ सकता है। इसे दाल, सब्जियों, साबुत अनाज, दही, सलाद, धनिया और पुदीना जैसी चीजों के साथ भी शामिल किया जा सकता है।
सेवन करते समय रखें ये सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार, अदरक का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में करना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को पेट में जलन, गैस या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है, पित्त की थैली से जुड़ी समस्या से पीड़ित है या किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है, तो नियमित रूप से अधिक मात्रा में अदरक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है। साथ ही हमेशा ताजा और साफ अदरक का ही इस्तेमाल करें और खराब या सड़ी हुई अदरक के सेवन से बचें।