लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए 20 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। देर रात जारी आदेश के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। फेरबदल में राजस्व, चिकित्सा शिक्षा, संस्कृति, महिला एवं बाल विकास, नगर विकास, ऊर्जा और ग्रामीण आजीविका मिशन समेत कई अहम विभाग शामिल हैं।
सुधा वर्मा का छह महीने में तबादला
राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव सुधा वर्मा का तबादला कर उन्हें श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश नियुक्त किया गया है। वह 1 जनवरी 2026 को राजस्व विभाग की सचिव बनी थीं और करीब छह महीने बाद ही उनका स्थानांतरण कर दिया गया।
चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव
डॉ. सारिका मोहन को महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव के पद से हटाकर महानिरीक्षक, निबंधन बनाया गया है। वहीं नेहा शर्मा को महानिदेशक, निर्वाचन के पद से स्थानांतरित कर महानिदेशक एवं सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्रामीण आजीविका मिशन और संस्कृति विभाग में भी फेरबदल
अरुण कुमार को मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बनाया गया है। वहीं दीपा रंजन को मिशन निदेशक के पद से हटाकर विशेष सचिव, संस्कृति विभाग नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संजय कुमार सिंह-1 को निदेशक, संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
संदीप भागिया को नोएडा से हटाया गया
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद द्वितीय में राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त संदीप भागिया का भी तबादला किया गया है। उन्हें मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
विवादों के बाद हुआ तबादला
संदीप भागिया का नाम उस समय चर्चा में आया था जब 12 जून को नोएडा में आयोजित जीएसटी समीक्षा बैठक के दौरान उन पर एक अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार और अभद्र व्यवहार का आरोप लगा था। आरोपों के बाद कई अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव से शिकायत भी की थी।
कई जिलों के अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी
सरकार ने सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अपर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। सरकार का कहना है कि यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से किया गया है।