राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों का दौर अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य सरकार द्वारा तय तबादलों की अंतिम तिथि शुक्रवार है। ऐसे में गुरुवार को सचिवालय से लेकर विभागीय कार्यालयों तक देर रात तक तबादला सूचियों को अंतिम रूप देने का काम चलता रहा। सबसे बड़ी कार्रवाई शिक्षा विभाग में देखने को मिली, जहां 919 व्याख्याताओं, प्राचार्यों और उप प्राचार्यों के प्रतिनियुक्ति आधारित तबादला आदेश जारी किए गए। इससे एक दिन पहले विभाग ने करीब 8,300 शिक्षकों और अन्य कार्मिकों के तबादले किए थे। दूसरी ओर, कर्मचारियों के बीच इस बात की भी चर्चा तेज रही कि क्या सरकार एक बार फिर तबादलों की समय-सीमा बढ़ाएगी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी।
तबादलों के अंतिम दिन तेज हुई हलचल
अंतिम तिथि से पहले राजधानी जयपुर में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की गतिविधियां काफी बढ़ गईं। सुबह से ही मंत्री आवास, सचिवालय और विभिन्न विभागों में तबादले के इच्छुक कर्मचारी अपने आवेदन लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलते रहे। विभागीय स्तर पर भी अधिकारी तबादला सूची को अंतिम रूप देने, लंबित प्रस्तावों का निस्तारण करने और सिफारिशों की समीक्षा में व्यस्त रहे। इसका असर कई विभागों के नियमित कामकाज पर भी देखने को मिला।
शिक्षा विभाग ने दूसरे दिन भी जारी किए बड़े पैमाने पर आदेश
शिक्षा विभाग ने गुरुवार को प्रतिनियुक्ति के आधार पर 919 व्याख्याताओं, प्राचार्यों और उप प्राचार्यों के तबादला आदेश जारी किए। इससे पहले बुधवार को विभाग ने करीब 8,300 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के स्थानांतरण किए थे। लगातार दूसरे दिन जारी हुई बड़ी सूची से शिक्षा विभाग सबसे अधिक सक्रिय विभागों में शामिल रहा।
क्या एक बार फिर बढ़ेगी ट्रांसफर की तारीख?
राज्य के कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही बना रहा कि क्या सरकार तबादलों की समय-सीमा एक बार फिर बढ़ाएगी। पहले सरकार ने ट्रांसफर प्रक्रिया 19 जून से 5 जुलाई तक खोली थी। बाद में इसे बढ़ाकर 10 जुलाई तक कर दिया गया। अब अंतिम दिन भी इस बात की चर्चा रही कि यदि सरकार को बड़ी संख्या में लंबित आवेदन मिलते हैं तो अवधि बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
DOIT की ट्रांसफर सूची पर मचा विवाद
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की तबादला सूची भी गुरुवार को चर्चा में रही। 763 कर्मचारियों की सूची में कई त्रुटियां सामने आने के बाद विभाग को संशोधित सूची जारी करनी पड़ी। सबसे ज्यादा चर्चा उस टिप्पणी को लेकर हुई, जिसमें एक कर्मचारी के 'विशेष विवरण' कॉलम में आपत्तिजनक टिप्पणी दर्ज हो गई थी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने संशोधित सूची जारी कर उस टिप्पणी को हटा दिया। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों के नाम दो बार दर्ज होने और कुछ मामलों में पुराने पदस्थापन का उल्लेख होने जैसी त्रुटियां भी सामने आईं।
भाजपा कार्यालय बना तबादला सिफारिशों का केंद्र
इस बार तबादला प्रक्रिया के दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय भी काफी सक्रिय नजर आया। सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 24 हजार ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन पार्टी कार्यालय पहुंचे हैं। इनमें सबसे अधिक आवेदन शिक्षा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के बताए जा रहे हैं। इन आवेदनों को संबंधित विभागों और मंत्रियों तक भेजा गया है ताकि पात्र मामलों पर विचार किया जा सके।
किन मामलों को दी जा रही प्राथमिकता?
सूत्रों के अनुसार, सिफारिशों की समीक्षा के दौरान कुछ मानवीय मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें शामिल हैं-
अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत पति-पत्नी।
एकल एवं विधवा महिला कर्मचारी।
गंभीर या असाध्य बीमारी से पीड़ित कर्मचारी।
माता-पिता से दूर अकेले पदस्थ कर्मचारी।
अन्य विशेष मानवीय परिस्थितियों वाले मामले।
अंतिम दिन आ सकती हैं और बड़ी सूचियां
यदि सरकार ट्रांसफर की समय-सीमा आगे नहीं बढ़ाती है, तो अंतिम दिन कई विभागों की बड़ी तबादला सूचियां जारी होने की संभावना जताई जा रही है। कर्मचारी संगठनों और विभागीय अधिकारियों की नजर अब सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
कर्मचारियों के लिए क्या है जरूरी सलाह?
तबादला आदेश जारी होने के बाद कर्मचारियों को चाहिए कि वे-
विभागीय पोर्टल पर आदेश की पुष्टि करें।
संशोधित सूची भी अवश्य देखें।
कार्यमुक्ति और नई जॉइनिंग से जुड़े निर्देशों का पालन करें।
किसी त्रुटि की स्थिति में संबंधित विभाग से तुरंत संपर्क करें।
FAQs
1. राजस्थान में तबादलों की अंतिम तिथि क्या है?
राज्य सरकार द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार तबादलों की अंतिम तिथि है।
2. शिक्षा विभाग ने कितने नए तबादले किए?
गुरुवार को 919 व्याख्याताओं, प्राचार्यों और उप प्राचार्यों के तबादला आदेश जारी किए गए।
3. क्या ट्रांसफर की तारीख फिर बढ़ेगी?
फिलहाल सरकार की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
4. DOIT की सूची विवाद में क्यों आई?
तबादला सूची में कुछ त्रुटियां और एक आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आने के बाद विभाग को संशोधित सूची जारी करनी पड़ी।
5. भाजपा कार्यालय में कितने आवेदन पहुंचे?
सूत्रों के अनुसार, करीब 24 हजार तबादला आवेदन प्रदेश कार्यालय पहुंचे हैं।