नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में मौसम ने करवट ली है। राजस्थान के चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चूरू में ओलावृष्टि भी हुई। दूसरी ओर, तमिलनाडु में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है। नीलगिरी और कोयंबटूर में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। मध्यप्रदेश में 28 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि केरल में कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में बारिश और ओलावृष्टि, तापमान में गिरावट
राजस्थान के चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कुछ इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। चूरू में ओले गिरने से मौसम में बदलाव देखने को मिला। बारिश के कारण तापमान में करीब 2 डिग्री तक गिरावट आने से रात में हल्की ठंड महसूस की गई।हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन के समय गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हुई है, लेकिन 25 अक्टूबर से अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान भी जताया गया है।
तमिलनाडु में भारी बारिश से जलभराव, भूस्खलन से मौत
तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नीलगिरी और कोयंबटूर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। एक बस चालक की मौत हो गई, जबकि भूस्खलन की चपेट में आने से एक घर भी बह गया।
मौसम विभाग ने तमिलनाडु के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों पर सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्यप्रदेश में 28 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट
मध्यप्रदेश में मौसम को लेकर एक बार फिर सतर्कता बरतने की जरूरत है। दी गई जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम तंत्र आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
केरल के 3 जिलों में रेड अलर्ट, 6 में ऑरेंज अलर्ट
केरल में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए अलग-अलग जिलों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, तीन जिलों में रेड अलर्ट, छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट और शेष पांच जिलों में येलो अलर्ट है।रेड अलर्ट वाले इलाकों में बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और नदियों, नालों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र, चक्रवात का खतरा
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र मौसम विभाग की निगरानी में है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, इसके 27 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है। इस मौसम तंत्र के कारण पूर्वी तट के राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।आंध्रप्रदेश में 26 से 29 अक्टूबर तक बारिश होने का अनुमान है। 27 अक्टूबर को तटीय आंध्रप्रदेश और यानम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवाती गतिविधियों के कारण मौसम में बदलाव जारी रह सकता है। राजस्थान में बारिश के बाद ठंडक बढ़ने के आसार हैं, जबकि तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और आंध्र प्रदेश में भी मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।
लोगों के लिए सलाह
भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, बिजली कड़कने पर खुले मैदानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।